हर्षित जैन/जयपुर। जैन धर्मावलम्बियों के लिए वर्ष 2023 खास है, जहां चातुर्मास की अवधि करीब पांच माह, 149 दिन का रहेगा। वहीं दूसरी और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण के 2550वें वर्ष की शुरुआत भी चातुर्मास पूर्णाहुति के 15 दिवस पूर्व मनाने का मौका होगा। श्रमण डॉ.पुष्पेन्द्र के मुताबिक अधिकमास हर तीसरे साल में आता है पर श्रावण मास के कारण पांच माह के चातुर्मास का दुर्लभ संयोग वर्ष 2004 में हुआ था। अब 19 साल बाद फिर से यह संयोग खास होगा। ऐसे में चातुर्मास के आयोजनों में एक माह अधिक होने की वजह से तप-आराधना का समय एक माह और मिलेगा। इससे इस साल विभिन्न धार्मिक आयोजनों की अधिकता रहेगी।