
Dhananjay Khimsar V/S Brij Kishore Upadhyay
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की सियासी पिच पर सुलह-समझौते की तमाम कोशिशें सोमवार को नाकाम हो गईं। सत्ता-संगठन के करीब माने जा रहे बृजकिशोर उपाध्याय पैनल के सामने मंत्री, सांसद और विधायक पुत्रों ने मोर्चा खोल दिया है। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय खींवसर और उनके पैनल में शामिल राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के पुत्र आशीष तिवाड़ी और भाजपा विधायक जसवंत यादव के पुत्र मोहित यादव ने चुनाव मैदान में डटे रहकर सत्ता-संगठन को सीधी चुनौती दी है। इससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है और इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। आज मंगलवार को आरसीए एकेडमी में चुनाव हो रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस पूरी चुनावी जोड़-तोड़ पर केन्द्रीय नेतृत्व की भी नजर है।
वहीं, दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के पुत्र पराक्रम सिंह और उनके पैनल के नाम वापस लेकर सत्ता समर्थित पैनल को समर्थन दिए जाने को लेकर राठौड़ की छवि को पार्टी में और मजबूती मिली है। वहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के पुत्र पवन दिलावर ने भी नामांकन वापिस ले लिया। हालांकि, पराक्रम गुट से कार्यकारी सदस्य पद के लिए नामांकन करने वाले धर्मवीर सिंह शेखावत मैदान में बने हुए है और अब उनके धनंजय गुट के साथ जाने की चर्चा है। हाईकोर्ट में दौसा और सवाईमाधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से दो याचिकाएं दायर की गई है, जिन पर आज सुनवाई होगी।
अध्यक्ष: बृजकिशोर उपाध्याय
सचिव: पिंकेश जैन
उपाध्यक्ष: रतन सिंह
कोषाध्यक्ष: विष्णू अग्रवाल
संयुक्त सचिव: राजेश सारस्वत
कार्यकारी सदस्य: अरिष्ट सिंघव
अध्यक्ष: धनंजय सिंह
सचिव व उपाध्यक्ष: मोहित यादव
कोषाध्यक्ष: आशीष तिवाड़ी
संयुक्त सचिव: विनोद सहारन
कार्यकारी सदस्य: धर्मवीर सिंह शेखावत
आरसीए की एजीएम होगी। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कार्यकारी सदस्य के 6 पदों के लिए 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। 11.30 बजे से 1.30 बजे तक मतदान होगा। फिर मतगणना होगी। कुल 38 पदाधिकारी मतदान करेंगे। मोहित यादव दो पदों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम की जानकारी संगठन और सरकार से जुड़े नेताओं ने दिल्ली तक पहुंचाई है। दिल्ली नेतृत्व की मंशा आरसीए जैसी प्रमुख खेल संस्थाओं को मंत्रियों, विधायकों और उनके पुत्रों के प्रभाव से अलग रखने की है।
इसी रणनीति के तहत राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी के नेतृत्व में बृजकिशोर उपाध्याय पैनल को आगे बढ़ाए जाने की चर्चा है। हालांकि, आरसीए एक स्वायत्त संस्था है और सरकार या संगठन की इसमें सीधे तौर पर कोई भूमिका नहीं है।
मैंने समझाया था कि सभी एक होकर आगे बढ़ें, लेकिन यदि कोई चुनाव मैदान में डटा है तो इसमें क्या किया जा सकता है। आरसीए एक अलग संस्था है, इसलिए संगठन का इसमें कोई दखल नहीं रहता।— मदन राठौड़, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा
पराक्रम सिंह ने कहा कि चुनाव लड़ने के फैसले के समय उनके पास 32 वोटों का समर्थन था और उनका गुट मजबूत स्थिति में था। सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए नामांकन वापस लिया। उनके संस्कार पार्टी के खिलाफ जाने की अनुमति नहीं देते।
आरसीए एडहॉक कमेटी के पूर्व कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने अध्यक्ष पद से नाम वापस लेते हुए आरोप लगाया कि जिन जिलों को एजीएम ने सस्पेंड किया था, उन्हें वोटिंग अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही।
सोमवार रात एक गुट ने अपने पैनल के साथ अजमेर रोड स्थित एक होटल में वोटरों यानी जिला सचिवों की किलाबंदी की। सूत्रों के मुताबिक, किलाबंदी में अध्यक्ष पद के दावेदार के साथ 14 जिला सचिव साथ रहे।
Updated on:
29 Sept 2026 11:26 am
Published on:
29 Sept 2026 11:26 am
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