जानकारी के मुताबिक, चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद उनका शव पुलिस की देखरेख में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। जिसके बाद उनके परिजनों को सौंपा गया। जिसके बाद डीसीपी कार्यालय तैनात थानेदार के शव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। गौरतलब है कि प्रदेश में आए दिन तेज रफ्तार और सड़क हादसों में लोगों की मौत की खबरें आती रहती है, तो वहीं इससे पुलिस निपटने के लिए प्रदेश सरकार की कोशिशें हमेशा विफल हो जाती है, जिसे रोकना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। तमाम प्रयासों के बाद भी सड़क हादसों पर लगाम नहीं लग पा रही।