
AI generated image of Sender ID
मोहित शर्मा.
आज के डिजिटल युग में मोबाइल पर आने वाले SMS आम बात हो गई है। बैंक, कंपनियां, सरकारी विभाग और यहां तक कि धोखेबाज भी SMS भेजते हैं। कई बार ये संदेश इतने आकर्षक या जरूरी लगते हैं कि लोग बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक कर देते हैं या OTP, PIN और बैंकिंग डिटेल्स शेयर कर देते हैं। नतीजा? खाता खाली या व्यक्तिगत जानकारी चोरी।
साइबर ठगों से बचने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने हाल ही में एक आसान और प्रभावी तरीका बताया है- हर SMS पढ़ने से पहले उसके SenderID पर ध्यान दें। SenderID सिर्फ एक नाम नहीं होता। इसमें तीन हिस्से होते हैं- Prefix, Middle और Suffix। इनसे SMS कहां से आया, किसने भेजा और कैसी कैटेगरी का है, यह सब पता चल जाता है।
उदाहरण के तौर पर एक SenderID लें
AD-HDFCBK-T
AD = Prefix
HDFCBK = Middle
T = Suffix
ये तीनों हिस्से मिलकर SMS की पूरी कहानी बताते हैं।
उदाहरण में ‘T’ का मतलब Transactional है, यानी यह OTP या लेन-देन वाला असली संदेश हो सकता है।
साइबर ठगी रोकने का सबसे आसान तरीका सतर्कता है। अगली बार जब भी SMS आए, पहले SenderID को तीन हिस्सों में बांटकर समझें। यह छोटी सी आदत आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। साइबर सुरक्षित रहें, स्मार्ट रहें।
Updated on:
30 Sept 2026 01:35 pm
Published on:
30 Sept 2026 01:32 pm
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