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फर्जी निकली जैसलमेर से युवक के अपहरण की घटना ! पुलिस ने की यह कार्रवाई

- झूठी घटना निकलने पर आरोपी को किया गिरफ्तार -पूछताछ में कबूला- शराब पीने के कारण कुछ नहीं सूझ रहा था
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 8 Sep 2018, 9:01 AM IST

jaisalmer

फर्जी निकली जैसलमेर से युवक के अपहरण की घटना ! पुलिस ने की यह कार्रवाई

जैसलमेर. जैसलमेर से दिन दहाड़े एक युवक के अपहरण की घटना जांच में झूठी पाई गई। अपहरण की फर्जी घटना की कहानी गढऩे वाले आरोपी ने कबूला है कि शराब अधिक पीने के कारण उसने ऐसा किया। सदर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि गत 5 सितम्बर को करीब 12 बजे पीरूसिंह निवासी बडोडा गांव ने सूचना दी कि उसके भाई कंवराजसिंह पुत्र गिरधरसिंह निवासी लखासर को आकल फांटा से लाल रंग की कार में अपहरण करके ले गए, जिस पर थानाधिकारी सदर कांतासिंह ढिल्लो ने देरावरसिंह से वार्ता की और अपहरणकर्ता के पीछे उनके परिजन व पीरुसिंह सहित रवाना हुए। देवीकोट से पहुंचे तो पता चला कि लाल रंग की कार इधर नहीं गई, फिर उन्हें जानकारी मिली कि कंवराजसिंह पोकरण में है। पुलिस टीम ने पोकरण पहुंच तलाश की गई तो वहां भी युवक नहीं मिला। इस दौरान शेरगढ़ की तरफ जाने की सूचना मिली। इस बीच अपहृत व्यक्ति ने अपने भाई से मोबाइल से वार्ता की तो उसने बताया कि वह लाल रंग की कार की डिक्की में बंद है, जिसमें दो लडक़े हैं। एक के सफेद व काला रंग के कमीज पहनी है। सूचना पर नागौर, जोधपुर, जैसलमेर व जोधपुर शहर सहित पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी करवाई व तलाशी अभियान जारी रखा। जोधपुर का शहरी क्षेत्र चारों तरफ से नाकाबंदी से घेर रखा था। इस बीच शाम 7.30 बजे सदर थानाधिकारी कांतासिंह ढिल्लो ने अपहृत व्यक्ति कंवराजसिंह से फोन से बात की तो उसने बताया कि उसे नागौर की सडक़ पर ले जा रहे है। उसने डिक्की में बैठे ही नागौर का बोर्ड पढ़ लिया हैं। कंवराजसिंह की वार्ता रिकॉर्ड की गई, जिसे उच्च अधिकारियों को भेजी गई। उस पर संदेह होने लगा तो तुरन्त जानकारी प्राप्त की गई तो उसके बोम्बे मोटर्स जोधपुर होने की सूचना मिली। इसी बीच नागौर रोड पर एक लाल रंग की कार, जिसमें काला व सफेद रंग के कमीज पहने हुए पुलिस पार्टी को देखकर गाड़ी भगाने लगे, इसी अफरा -तफरी में पुलिस की गाड़ी के टक्कर लगी व गाड़ी खेत में जा गिरी। हादसे में थानाधिकारी कान्तासिंह ढिल्लो और पुलिस टीम के चोटें आई।
यूं सुलझी फर्जी अपहरण की गुत्थी
इससे पूर्व सोशल मीडिया में अपहरण की सूचना वायरल होने पर पुलिस अधीक्षक जगदीशचन्द्र शर्मा ने उक्त घटना को गंभीरता से लिया। उन्होंने जिले में ‘ए’ श्रेणी की नाकबंदी करवाने के निर्देश दिए। इस बीच अपहर्त व्यक्ति के बारे में जोधपुर की तरफ जाने सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयनारायण मीणा के निर्देशन में अपहृत व्यक्ति कंवराजसिंह पुत्र गिरधरसिंह निवासी लखासर की दस्तयाबी के लिए टीम गठित की। टीम में शहर कोतवाल देरावरसिंह, सदर थानाधिकारी कांतासिंह ढिल्लो के नेतृत्व में कांस्टेबल मायाराम, गोमसिंह व साइबर सेल कार्यालय पुलिस अधीक्षक से मुकेश बीरा को शामिल किया। तलाशी के दौरान अपहर्त युवक कंवराजसिंह ने पीरुसिंह को फोन किया व खुद को ले जाने के लिए कहा, जिस पर टीम तुरंत उसके बताए स्थान पर पहुंची और कंवराजसिंह को दस्तयाब किया।दस्तयाबी के बाद उसके चेहरे के हाव भाव के अनुसार पुलिस ने गहन पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके पास 3 हजार रुपए थे, जो खर्च हो गए। उस दिन सुबह ही शराब पी थी, जिससे उसे कुछ नहीं सूझ रहा था। यही कारण है कि वह जैसलमेर से जाते वक्त मोबाइल से बार-बार बातेें करता रहा।
पूछताछ में अपहरण की घटना पूर्णतया फर्जी पाए जाने पर कंवराजसिंह के खिलाफ कार्यवाही की जा रही हैं। अपहरण की झूठी सुचना देने, पुलिस का समय व्यर्थ करने व आमजन में भय पैदा करने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया है।