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Desert Festival in Jaisalmer: राजस्थान के जैसलमेर में चल रहे मरु-महोत्सव के तीसरे दिन मंगलवार को गड़ीसर झील पर राजस्थानी लोक संगीत की सुरलहरियों के बीच योग सत्र का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इसके बाद डेडानसर मैदान में ऊंटों से जुड़े रोमांचक कार्यक्रम हुए।
कार्यक्रम में सीमा सुरक्षा बल का कैमल टैटू शो मुख्य आकर्षण रहा। इसमें ऊंटों के अद्भुत करतब देखने को मिलेे। इसके अलावा ऊंट श्रृंगार प्रतियोगिता, शान-ए-मरुधरा स्पर्धा, कैमल पोलो मैच, पणिहारी मटका दौड़ और ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
शान-ए-मरुधरा प्रतियोगिता में सबसे पहले दौड़ते हुए कपड़े पहनने पड़ते हैं। इसके बाद ऊंट को तैयार किया जाता है। जो सबसे पहले ऊंट को तैयार कर खड़ा कर देता है।उसे विजेता घोषित किया जाता है।
इसके साथ देसी और विदेशी महिलाओं की रस्साकशी की प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। वहीं देसी और विदेशी पुरुषों के बीच भी यही कॉम्पिटिशन हुआ। इसके बाद भारतीय वायुसेना की ओर से एयर वॉरियर्स ड्रिल का आयोजन हुआ। इस ड्रिल में वायुसेना के जवानों ने बंदूक के साथ परफॉर्म किया, जिसमें आपसी तालमेल और सामंजस्य का शानदार प्रदर्शन किया।
आपको बता दें कि मरु महोत्सव के अंतिम एवं चौथे दिन सम के पास स्थित लखमणा के मखमली धोरों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। सांझ में अंतरराष्ट्रीय याति प्राप्त लोक कलाकार तगाराम भील अलगोजावादन पेश करेंगे। यातनाम कलाकार भूंगर खां का सिंफनी कार्यक्रम होगा।
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मशहूर कबीर कैफे बैंड की ओर से प्रस्तुति दी जाएगी। इससे पूर्व लखमणा के रेतीले धोरों पर कैमल रेस होगी। प्रात: 9 से दोपहर 1 बजे तक पालीवालों के परित्यक्त एतिहासिक कुलधरा व खाभा में मांडणा आर्ट का आयोजन होगा एवं प्रात: 11 बजे लाणेला में घुड़ दौड़ प्रतियोगिता आयोजित होगी। इसके साथ ही 10 से 12 फरवरी तक खुहड़ी में भी कैमल राइडिंग एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।
Updated on:
11 Feb 2025, 2:46 PM IST
Published on:
11 Feb 2025, 2:44 PM IST
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