
Opretion Sindoor: भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के बाद राजस्थान के श्रीगंगानगर के बाद अब जैसलमेर जिले में भी पाकिस्तानी लोकल सिम कार्ड के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम सीमा पार से संभावित सुरक्षा खतरों को रोकने और आतंकी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए उठाया गया है। जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों से इस आदेश का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
जैसलमेर के जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने बताया कि पाकिस्तानी सिम कार्ड का उपयोग आतंकी संगठनों द्वारा संचार के लिए किया जा सकता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। इसलिए, इनके उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है। प्रशासन ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तानी नेटवर्क सिग्नलों को ब्लॉक करें।
इसके साथ ही, स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। इसके अलावा, जैसलमेर में सुरक्षा व्यवस्था अभी भी माकूल है। सीमा पर तैनात सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं, और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भारतीय नेटवर्क सेवाएं निर्बाध रूप से काम करेंगी। यह कदम क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दरअसल, पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश की, जिन्हें भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। जैसलमेर में भी कई ड्रोन हमलों को भारतीय वायु रक्षा प्रणाली (विशेष रूप से S-400) ने विफल किया। इन घटनाओं ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा को और सख्त करने की जरूरत को रेखांकित किया।
Published on:
13 May 2025 07:42 pm

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