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जैसलमेर. बीएड इंटर्नशिप अवधि के दौरान लेवल प्रथम के अध्यापकों के वेतन में की जा रही कटौती का मामला एक बार फिर सामने आया है। प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल प्रथम), राजस्थान ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पुनः स्मरण ज्ञापन भेजकर प्रकरण में स्पष्ट निर्णय की मांग की है। संगठन का कहना है कि पूर्व में कई बार पत्राचार और विभागीय स्तर पर चर्चा के बावजूद अब तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। संघ के अनुसार बीएड इंटर्नशिप शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता बढ़ाने से जुड़ी प्रक्रिया है। इस अवधि में शिक्षक विद्यालयों में शिक्षण कार्य और अन्य निर्धारित जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में इंटर्नशिप अवधि को वेतन कटौती का आधार बनाए जाने पर संगठन ने आपत्ति जताई है।
संगठन ने बताया कि इस प्रकरण को लेकर 8 सितंबर 2025, 24 दिसंबर 2025 और 25 मार्च 2026 को सरकार एवं शिक्षा विभाग के समक्ष पत्र प्रस्तुत किए गए। विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में भी यह मुद्दा उठाया गया। इसके बावजूद प्रकरण पर स्पष्ट और अंतिम आदेश जारी नहीं होने से संबंधित शिक्षकों में असमंजस बना हुआ है। संघ का दावा है कि वेतन कटौती से प्रदेश के हजारों लेवल प्रथम अध्यापक प्रभावित हो रहे हैं। संगठन ने सरकार से मांग की है कि इंटर्नशिप अवधि को पूर्ण सेवा अवधि में शामिल किया जाए और इस दौरान काटी गई राशि का भुगतान संबंधित शिक्षकों को कराया जाए।
पुनः स्मरण ज्ञापन में संगठन ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें बीएड इंटर्नशिप अवधि को पूर्ण सेवा अवधि में शामिल करना, इंटर्नशिप के दौरान की गई वेतन कटौती निरस्त करना, पहले काटी गई राशि का बकाया भुगतान करना तथा भविष्य में विवाद की स्थिति नहीं बने, इसके लिए स्पष्ट लिखित आदेश जारी करना शामिल है। संगठन के अनुसार प्रदेश में प्रतिवर्ष करीब 2,000 से 3,000 शिक्षक बीएड करते हैं। जैसलमेर से भी प्रतिवर्ष करीब 100 शिक्षक बीएड करने की जानकारी संगठन ने दी है। संघ ने बताया कि पत्राचार माध्यम से बीएड करने वाले शिक्षकों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, वर्धा यूनिवर्सिटी, कोटा यूनिवर्सिटी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया इस्लामिया, भोज मुक्त विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों से जुड़े शिक्षक शामिल हैं।
बीएड इंटर्नशिप शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता से जुड़ी प्रक्रिया है। इस अवधि में शिक्षक विद्यालयी दायित्वों से विमुख नहीं होते। ऐसे में वेतन कटौती के प्रकरण पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेकर राहत देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों के वेतन से राशि काटी जा चुकी है, उन्हें बकाया भुगतान भी शीघ्र मिलना चाहिए। संगठन पहले भी सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष यह मुद्दा उठा चुका है और अब पुनः स्मरण ज्ञापन के माध्यम से समाधान की मांग दोहराई गई है।
- विजय सुथार, प्रदेशाध्यक्ष, प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल प्रथम)
Updated on:
03 Oct 2026 09:01 pm
Published on:
03 Oct 2026 09:01 pm
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