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JAISALMER NEWS- रबी पर फिर गहराये संकट के बादल, बचाव के कर रहे यह प्रयास

फसल पर संकट के बादल, समेटने में जुटे किसान
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जैसलमेर

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Jitendra Kumar Changani

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Updated: 19 Mar 2018, 11:17 AM IST

Jaisalmer patrika

crop cutting start in Jaisalmer

जैसलमेर. सरहदी जैसलमेर जिले में एक बार फिर बादलों का संकट फसलों के जीवन पर मंडराने लगा है। ऐेसे में बारिश उनकी चार महिनों की तपस्या के फल को ना छीन ले इसके लिए वे फसल को समेटने में जुट गए है। सोमवार को सुबह बादलों की आवाजाही ने किसानों की चिंता को एक बार फिर बढ़ा दिया है। जिले के मोहनगढ़, नाचना, चांधन, रामगढ़ व नोख आदि कृषि क्षेत्रों में फसल पककर कटने को तैयार है। ऐसे में बादलों की आवाजाही शुरू होने से किसानों को खराबे की चिंता सताने लगी है।
कटाई में जुटे किसान
बादलों की आवाजाही शुरू होने से फसलों के जीवन को लेकर बढ़े खतरे के बीच किसान पकी फसल की कटाई में जुट गए है, वहीं कईं किसान मजदूरों की जुगाड़ नहीं होने से मायूस है और फसल को बचाने के लिए महंगे दामों में बाहरी जिलों से मजदूर बुलाने की कवायद कर रहे है, ताकि जल्दी से फसल को खेत से कटाई कर समेटी जा सके और बड़े नुकसान से बचाव किया जा सके।

IMAGE CREDIT: patrika

फसल पर संकट के बादल, समेटने में जुटे किसान
चांधन (जैसलमेर).पिछले हफ्ते से मौसम के बदलाव को देखकर किसान फसल कटाई मे रात-दिन एक कर जुटे हुए हैं। गौरतलब है कि 14 मार्च की रात को हुई हल्की बारिश से कई किसानों को नुकसान भी हुआ। जहां ईसब व सरसों की फसल खराब हुई, लेकिन रविवार को फिर आसमान में बादलों की घटाएं देख किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों का कहना है कि छह माह तक खून-पसीना एक कर फसल को पकाया। अब इस पर संकट के बादल देख चिंता हो रही है। ऐसे में खेतों से फसल समेटने के लिए पूरे परिवार सहित जुट गए हैं। कुछ नलकूपों पर किसान परिवार के साथ दिहाड़ी मजदूर लगाकर भी फसल कटाई कर रहे हैं। ऐसे में हजारों बाहरी मजदूर यहां फसल कटाई का काम कर रहे हैं। किसान बुलसिंह भाटी व अमराराम सुथार सहित अन्य का कहना है कि मौसम परिवर्तन से बारिश या ओले गिरे तो किसानों के मुंह आया निवाला छिन जाएगा।