परिवादी के अनुसार, 17 अगस्त 2024 को जालमसिंह घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। बाद में भागीरथ ने फोन कर उसके अपहरण की जानकारी दी और 15 लाख रुपए नहीं देने पर हत्या की धमकी दी। पुलिस ने भागीरथ, चनणाराम और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। फिलहाल मामला सांचौर के अपर सत्र न्यायालय में विचाराधीन है।