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राहुल गांधी के सवालों के बीच महबूबा मुफ्ती ने उठाया वोट का मुद्दा, बोलीं- बात अब सिर्फ भरोसे की नहीं रही

Mehbooba Mufti Statement: महबूबा मुफ्ती ने राहुल गांधी के चुनावी सवालों का जिक्र करते हुए मतदाता के वोट को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मुद्दा अब सिर्फ किसी नेता की बात पर भरोसा करने का नहीं, बल्कि हर नागरिक के वोट के सही तरीके से गिने जाने का है।
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जम्मू

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Imran Sheikh

•

Sep 29, 2026

Mehbooba Mufti

मतदाता सूची और हर नागरिक के वोट को लेकर महबूबा मुफ्ती ने उठाए सवाल। (फोटो सोर्स-ANI)

SIR News: मतदाता सूची को लेकर चल रही बहस में अब पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी शामिल हो गई हैं। उन्होंने राहुल गांधी के चुनाव से जुड़े सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि बात अब सिर्फ यह मानने या न मानने की नहीं है कि राहुल गांधी क्या कह रहे हैं। असली सवाल यह है कि देश के हर नागरिक का वोट सही तरीके से गिना जाएगा या नहीं।

महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हर नागरिक के वोट की अहमियत है। लोगों के वोट से ही उनकी पसंद की सरकार चुनी जाती है। इसलिए चुनाव में हर वोट को गिनना और उसका सही इस्तेमाल होना जरूरी है।

महबूबा ने राहुल गांधी का जिक्र क्यों किया?

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अब बहस को सिर्फ राहुल गांधी के बयानों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उनके मुताबिक, ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि हर भारतीय को वोट देने और अपनी पसंद की सरकार चुनने का पूरा मौका मिल रहा है या नहीं।

उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई। महबूबा का आरोप है कि अगर चुनाव की प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो इसका फायदा सत्ता में मौजूद पार्टी को मिल सकता है। हालांकि यह उनका राजनीतिक आरोप है और इसकी अलग से पुष्टि नहीं हुई है।

मतदाता सूची को लेकर पहले से सवाल

मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर पिछले कुछ समय से विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं। खास तौर पर SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल चुनाव आयोग से सवाल कर रहे हैं।

राहुल गांधी भी मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति सामने रख चुके हैं। अब महबूबा मुफ्ती ने भी इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए वोट के अधिकार को अपनी बात का केंद्र बनाया है।

चुनाव आयोग का क्या कहना है?

दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का काम तय नियमों के तहत होता है। आयोग के मुताबिक, जिन लोगों को मतदाता सूची से जुड़ी किसी बात पर आपत्ति है, उन्हें दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया जाता है।

ऐसे में फिलहाल इस मुद्दे पर विपक्ष और चुनाव आयोग की बातें अलग-अलग हैं। महबूबा मुफ्ती के ताजा बयान ने मतदाता सूची की बहस को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के बीच ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विपक्ष की अगली प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग के जवाब पर सभी की नजर रहेगी।