
CG News: 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने को काम जिले में भगवान भरोसे नजर आ रहा है। सूचना जारी हुए करीब 2 माह होने वाले हैं लेकिन जिले में कितनी गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना है, कितने लगे, परिवहन विभाग के पास जानकारी नहीं है।
इतना ही नहीं, जिले में जिन कंपनियों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए अधिकृत किया गया है, उन कंपनियों ने जिले में कुल सेंटर संचालित हो रहे हैं, इसकी भी जानकारी अफसर नहीं दे पा रहे हैं। सार्वजनिक सूचना जारी होने के 120 दिनों के भीतर सभी में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। ऐसे में मार्च 2025 तक अंतिम तिथि है।
लेकिन कितनी गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर लग चुके हैं, इसका भी डाटा नहीं है। इधर हाई सिक्योरिटी प्लेट लगाने के लिए बनाए गए जटिल नियम वाहन मालिकों के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। पहला, नंबर प्लेट लगवाने के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। दूसरा, अधिकृत कंपनी के द्वारा संचालित सेंटर से ही लगाया गया नंबर प्लेट मान्य होगा। सेंटर में वाहन मालिक सीधे जाकर नंबर प्लेट नहीं बदलवा सकते। ऑनलाइन आवेदन जरूरी है।
केंद्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 एवं केंद्रीय मोटर यान नियम 1989 के प्रावधान अनुसार 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत प्रत्येक वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया है। वाहन स्वामी विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर उसमें निर्धारित शुल्क जमा कर नंबर प्लेट लगवा सकते हैं। इसके लिए परिवहन विभाग ने वेब साइट लिंक ‘सीजीट्रांसपोर्ट. जीओवी. इन’ जारी किया है।
वेबसाइट पर आवेदन मिलने व शुल्क जमा करने पर इसकी जानकारी कंपनी को जाएगी और फिर आवेदक के मोबाइल नंबर पर नंबर प्लेट लगाने की तिथि व चयनित स्थान का मैसेज आ जाएगा। मिली तिथि में संबंधित स्थान जाकर वाहन चालकों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना होगा।
इस प्लेट पर अशोक चक्रका क्रोमियम आधारित होलोग्राम होता है।
इस प्लेट पर वाहन के इंजन नंबर, चेसिस नंबर जैसी जानकारी होती है।
इस प्लेट पर एक ही तरह के फॉन्ट का इस्तेमाल होता है।
इस प्लेट पर गैर-हटाने योग्य स्नैप ऑन लॉक होता है।
इस प्लेट को कॉपी करके नकली प्लेट नहीं बनाई जा सकती।
इस प्लेट पर बाईं तरफ बीच में नीले रंग से अंग्रेजी में 'इंडिया' लिखा होता है।
इस प्लेट के कोने राउंड होते हैं।
इस प्लेट पर परावर्तक कोटिंग होती है, जिससे रात में और कम रोशनी में भी यह दिखाई देती है। इसकी वजह से वाहन चोरी होने, अवैध गतिविधियों में शामिल होने की आशंका कम हो जाती है। साथ ही, दुर्घटनाओं में शामिल वाहनों की पहचान करना भी आसान हो जाता है।
CG News: जिला परिवहन कार्यालय जांजगीर-चांपा में अभी सक्ती जिला भी शामिल हैं। दोनों जिला मिलाकर ऐसे गाड़ियों की संख्या लाखों में होगी। इतने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने अब एक माह का ही समय बचा है। इधर सेंटरों की संख्या भी कम है।
हालांकि एक सुविधा यह भी दी गई है कि अगर कोई वाहन मालिक अपने घर या संस्थान में प्लेट लगवाना चाहता है तो उसे निर्धारित पाइंट में इसकी जानकारी देनी होगी, लेकिन इसके लिए उन्हें विभाग द्वारा तय शुल्क के अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जो कंपनी निर्धारित करेगा। लेकिन पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने से लोग हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बदलवाने सामने नहीं आ रहे हैं।
Updated on:
27 Feb 2025 04:31 pm
Published on:
27 Feb 2025 04:31 pm
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