
मृत्यु होने पर बीमा राशि सहित मानसिक कष्ट(photo-patrika)
CG News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में मृत्यु बीमा अवधि होने पर नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने बीमा राशि देने से इनकार किया। जिला उपभोक्ता आयोग ने अब बीमा की राशि 30 लाख रुपए, मानसिक कष्ट के लिए 30 हजार रुपए व वाद व्यय 5 हजार देने का आदेश पारित किया है।
शिकायतकर्ता बुद्धेश्वर पटेल निवासी मरकामगोढ़ी थाना जिला सक्ती ने अपनी पत्नी सुक्रीता पटेल का नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में 10 नवंबर 2022 को हेल्थ बीमा कराया था, जो एक वर्ष की अवधि के लिए वैध था, जिसमें दुर्घटना मृत्यु होने पर बीमा 30 लाख रुपए का था।
बीमा अवधि में ही 1 सितंबर 2023 को उपभोक्ता की पत्नी सुक्रीता पटेल की मृत्यु सांप काटने से हो गई है। उपभोक्ता द्वारा इंश्योरेंस कंपनी से बीमा राशि की मांग की, लेकिन बीमा कंपनी ने मना कर दिया। तब उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के समक्ष परिवाद पेश कर बीमा राशि दिलाए जाने की मांग की। जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू, सदस्य विशाल तिवारी, सदस्य महिमा सिंह ने पेश दस्तावेजों, बीमा पॉलिसी व किए गए तर्कों का सूक्ष्मता से अध्ययन कर यह पाया कि बीमा पॉलिसी में दुर्घटना मृत्यु होने पर बीमा 30 लाख रुपए था।
उपभोक्ता की पत्नी की मृत्यु सांप काटने से हुई थी, जो की आसामयिक मृत्यु है और दुर्घटना की श्रेणी में आती है। बीमा कंपनी द्वारा बीमा राशि न देकर उपभोक्ता के प्रति सेवा में कमी की गई है। जिला उपभोक्ता आयोग ने नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को उपभोक्ता को उसकी पत्नी की दुर्घटना मृत्यु होने बीमा राशि 30 लाख लाख रुपए तथा मानसिक कष्ट के लिए 30 हजार रुपए व वाद व्यय 5 हजार देने का आदेश पारित किया है।
आदेश दिनांक से 45 दिनों के भीतर देने का आदेश दिया। नियत अवधि में आदेशित राशि नहीं देने पर आदेश दिनांक से भुगतान दिनांक तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी आदेश दिया गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जांजगीर ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 35 के अंतर्गत पेश परिवाद को स्वीकार कर आदेश पारित किया गया।
Updated on:
27 May 2025 12:19 pm
Published on:
27 May 2025 12:19 pm
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