
सीएम ने पत्रकार वार्ता में बताया चल रही है रेट तय करने चर्चा
जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दो जून को सुबह सर्किट हाउस जांजगीर में प्रेसवार्ता आयोजित की। इसमें उन्होंने शासन द्वारा चलाई जा रही विकास की योजनाओं के बारे में बताया।
इस दौरान तेल के बढ़ते दामों पर लगाम न लगा पाने को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम ने इसे केंद्र का मुद्दा बताया और कहा कि अंतराष्ट्र्रीय स्तर पर क्रूड आयल के रेट बढऩे घटने से तेल के दाम में अंतर आता है। उनसे जब पूछा गया कि राज्य के राज्य व केंद्र शासन द्वारा लगाए जाने वाले तेल पर टैक्स को कम करने या तेल को जीएसटी के दायरे में क्यों नहीं लाया जाता है,
तो डॉ. सिंह ने कहा कि यह निर्णय केंद्र सरकार का है। उच्च स्तर पर इसे लेकर चर्चा चल रही है। जैसा निर्णय होगा उसी के मुताबिक कार्य किया जाएगा।
इस दौरान रमन सिंह जहां कई क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर पूछे गए सवालों से बचते रहे तो वहीं क्षेत्रीय गठबंधन कर अन्य पार्टियों द्वारा चुनाव लडऩे की बात पर उन्होंने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि उनकी हालत ऐसी हो गई है कि किसी भी तरह कैसे भी उनका बचा कुचा अस्तिस्व बचा रहे।
उन्होंने कहा कि बसपा का अभी-अभी बयान आया है कि जो डूब रहा है उसके साथ क्यों जाएं। इससे साफ है कि कांग्रेस डूबती हुई पार्टी है और उसके साथ कोई अन्य दल भी खड़ा नहीं होना चाह रहा है। उन्होंने विकास यात्रा में आम लोगों का उत्साह को उनके लिए आशीर्वाद बताया और मीडिया के बेहतर कवरेज को लेकर भी बधाई दी।
क्षेत्र में बढ़ रही राखड़ की समस्या
क्षेत्र में उद्योगों द्वारा लगातार तालाब, नदी सहित अन्य खाली जगहों पर राखड़ डंप करके जमीन को बंजर बनाने व पर्यावरण को प्रभावित करने के सवाल पर सीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि पर्यावरण विभाग को साफ हिदायत दी गई है कि यदि कोई भी उद्योग पर्यावरण विभाग के मानकों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, इस कड़ी में यदि कोई बड़ी कार्रवाई भी करनी बड़ी तो की जाएगी। पूर्व कलेक्टर द्वारा ऐसे मामलों की फाइल को दबाने व ऊपर का दबाव आने की बात को सीएम ने कहा कि ऐसा कोई दबाव नहीं है।
नदी तालाबों की सुरक्षा के निर्देश
सीएम ने प्रेसवार्ता में कहा कि राज्य शासन नदी और तालाबों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। सभी जिला अधिकारियों को निर्देश है कि वह स्वच्छा अभियान चलाकर लोगों व मीडिया की मदद लेकर तालाब व नदी की सुरक्षा को लेकर कार्य करें। नदी तालाब के किनारे हो रहे अतिक्रमण को कम करें। इस दिशा में सभी तरह के मदद के लिए शासन पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने हसदेव नदी की सुरक्षा को लेकर भी कार्य करने की बात कही।
Published on:
2 Jun 2018, 2:47 PM IST
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