
केशियर डोमर की हत्या का खुलासा : पत्नी ने प्रेमी के साथ मिल कर घटना को दिया था अंजाम, पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खोला राज
बाराद्वार. बाराद्वार के एसबीआई में पदस्थ केशियर रामकिशोर डोमर की हत्या कोई और नहीं बल्कि उसकी पत्नी साक्षी उर्फ चांदनी डोमर और उसका प्रेमी कुलदीप कुमार साहू ने मिलकर की है। दोनों के बीच सालों से प्रेम संबंध था। दोनों चाहकर भी एक दूसरे से नहीं मिल पाते थे। आखिरकार दोनों ने मिलकर केशियर रामकिशोर को मौत की नींद सुलाने की योजना बना डाले। बाराद्वार पुलिस के द्वारा पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने रविवार की रात हत्या कबुल कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को सोमवार को जेल दाखिल कर लिया है।
गौरतलब है कि बाराद्वार एसबीआई में पदस्थ केशियर रामकिशोर डोमर स्टेट बैंक में केशियर था। वह वार्ड नंबर छह में किराए के मकान में रहता था। उसकी शादी वार्ड नंबर नौ बाराद्वार की रहने वाली युवती साक्षी उर्फ चांदनी डोमर से हुई थी। दोनों की एक लड़की भी है। शनिवार की शाम दोनों गणेश विसर्जन देखने की बात कर रहे थे तब रामकिशोर का कहना था कि वह थका हुआ है। इसलिए नहीं जा सकता। इस कारण रामकिशोर की पत्नी अपनी लड़की को लेकर अकेले गणेश विसर्जन देखने चली गई। रात को तकरीबन 11 बजे रामकिशोर का शव सोफे पर पड़ा था। उसके गले में धारदार हथियार से गला रेता गया था और खून की धार बह रही थी।
घटना को लेकर नगर में सनसनी फैल गई। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। घटना स्थल पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को पहले से ही शंका हो चुकी थी केशियर की हत्या में पत्नी का हाथ हो सकता है। पुलिस ने पहले उसकी पत्नी से पूछताछ शुरू की। कुछ लोगों ने पुलिस को पहले से बता दिया था कि केशियर की हत्या में चांदनी के प्रेमी कुलदीप का भी हाथ हो सकता है। इसलिए पुलिस ने कुलदीप को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया।
पूछताछ के दौरान पहले तो पुलिस को छकाते आ रहे थे। बाद में दोनों ने आपबीती कहानी बयां कर दी। पुलिस ने हत्या की आरोपी पत्नी चांदनी उर्फ साक्षी डोमर व उसका प्रेमी सरवानी बाराद्वार निवासी कुलदीप साहू को धारा 450, 302, 201, 34 के तहत जेल दाखिल कर दिया है।
इसलिए दिया वारदात को अंजाम
पुलिस ने बताया कि चांदनी उर्फ साक्षी का कुलदीप से बीते कई सालों से अवैध संबंध है। रामकिशोर डोंगर ने कुलदीप को कुछ दिन पहले उधार में रकम भी दिया था। उधार की रकम को चुक्ता करने कुलदीप हीलाहवाला कर रहा था। रकम को लेकर दंपती में आए दिन विवाद भी होता था। विवाद के कारण रामकिशोर ने कुलदीप के खिलाफ थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। बाद में दोनों के बीच समझौता हो गया था। इसके बाद भी कुलदीप का रामकिशोर के घर आना-जाना था। इसके अलावा चांदनी का कुलदीप के साथ दोस्ती बरकरार थी। दोनों का वाट्सअप पर चेटिंग भी होता था। दोनों एक-दूसरे के बगैर रह नहीं पाते थे। आखिरकार दोनों ने हत्या की साजिश रच डाली और हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
पुलिस ने बताया कि रामकिशोर शनिवार की रात शराब पीकर घर आया था। चांदनी गणेश विसर्जन देखने के बहाने नगर में निकली और तयशुदा प्लानिंग के अनुसार कुलदीप को अपने घर बुला ली। कुलदीप घर पहुंचा। इससे पहले चांदनी घर पहुंच चुकी थी। इस दौरान रामकिशोर सोफे में बैठकर टीवी देख रहा था। इसी दौरान कुलदीप घर पहुंचा और सीधे किचन में रखे चाकू लेकर रामकिशोर का गला रेत दिया। हत्या के लिए चांदनी ने कुलदीप की भरपूर मदद की। बताया जा रहा है कि चांदनी अपने पति का पैर पकड़ी थी वहीं कुलदीप गला रेत रहा था। हत्या करने के बाद खून से सने कपड़े को वासिंग मशीन में डाल लिया। गैर व्यक्ति द्वारा हत्या का रूप देने के लिए कपड़े को तीतर बीतर कर दिया गया था।
Updated on:
24 Sept 2018 08:31 pm
Published on:
24 Sept 2018 08:31 pm
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