
सांसद के नाम पर जेसीबी से रात भर की जा रही अवैध खोदाई, आखिर कौन करवा रहा ये काम...
जांजगीर-चांपा. सीएसपीडीसीएल के द्वारा लिंक रोड में तुलसी भवन के सामने एक सब स्टेशन का लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से निर्माण किया जा रहा है। यहां का उद्घाटन सांसद कमला पाटले ने किया है और यही नहीं इस काम के निर्माण की देखरेख आईपीडीएस के एई कमलेश डाहिरे यानि कमला पाटले के दामाद कर रहे हैं। इस सब के चलते निर्माण कार्य का ठेका लेने वाले ठेकेदार के आदमी खुलेआम अवैध कार्य कर रहे हैं और यह कहते फिर रहे हैं कि सांसद ने कहा है। ऐसा ही मामला इस निर्माण के लिए मिट्टी फिलिंग को लेकर आया।
होटल ड्रीम प्वाइंट के पीछे स्थित सेमरा डबरी में जगेश्वर पटेल की जेसीबी व ढेरों हाईवा व ट्रैक्टर लगे हुए हैं। इनके द्वारा पूरी रात अवैध खोदाई करके वहां की मुरुम तुलसी भवन के सामने पाटी जा रही है। जब इस बारे में जगेश्वर पटेल से पूछा गया तो कि बिना अनुमति कैसे डबरी खोदी जा रही है तो उसने कहा कि सांसद कमला पाटले का काम है और उन्हीं के कहने पर यहां खोदाई की जा रही है। जबकि इस बारे में कमला पाटले का साफ कहना है कि वह किसी जगेश्वर पटेल को नहीं जानती और न ही उन्हें किसी तालाब से जेसीबी द्वारा मिट्टी खोदे जाने की जानकारी है।
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एई हैं सांसद के दामाद तो उठा रहा बेजा फायदा
जिले की सांसद कमला पाटले के दामाद कमलेश डाहिरे आईपीडीएस में एई क्या हो गए पूरा शहर उनके नाम का झूठा फायदा उठाने लगा। इस बारे में जब कमले डाहिरे से बात की गई तो उन्होंने साफ कहा कि सांसद महोदया का इसमें कोई लेना देना नहीं है। विभाग मिट्टी फिलिंग का ठेकेदार को पेमेंट करता है। यदि मिट्टी गलत तरीके से खोद कर लाई जा रही है और ठेकेदार का आदमी सांसद का नाम ले रहा है तो इस पर कार्यवाही की जाएगी।
ठेकेदार ने कहा आर्डर पर डलती है मिट्टी
वहीं जब इस निर्माण कार्य को कर रहे चांपा के पेटी ठेकेदार वरुण सोमानी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जगेश्वर पटेल ही नहीं बल्कि तीन चार अन्य लोगों को भी मिट्टी फिल करने का आर्डर दिया गया है। यह लोग कहां से मिट्टी ला रहा हैं उन्हें नहीं पता है। वह जितने ट्रिप मिट्टी डालेगा उसका भुगतान उसे किया जाएगा। इससे साफ है कि इस पूरे मामले में मिट्टी सप्लायर की भूमिका है और वह अवैध रेत उत्खनन की तरह ही मुरुम का उत्खनन करके मिट्टी फिल कर रहा है।
पेटी पर कैसे दिया जा रहा काम
शासकीय कार्य करने के लिए बकायदा टेंडर जारी कर ऐजेंसी तय की जाती है और उसके द्वारा ही कार्य करवाया जाता है। नियम के मुताबिक जो भी ठेकेदार निर्माण कार्य का ठेका लेगा उसे खुद उस कार्य को करना हैए लेकिन वर्तमान जिले के सभी बड़े काम बाहर की कंपनी को मिले हैं और उनके द्वारा स्थानीय ठेकेदारों को पेटी पर वह कार्य दे दिया गया। इससे पेटी ठेकेदार गुणवत्ता के मानकों का ध्यान नहीं रख रहे हैं। इससे साफ है कि बड़ी कंपनियां जिला प्रशासन से मिली भगत करके यह सारा खेल कर रही हैं, क्योंकि जिले का कलेक्टर ही एक ऐसा अधिकारी है जो कि इन सभी कार्यों को नियम से कराने के लिए इन पर नकेल कर सकता है।
मुझे इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो गलत है। इस पर टीम भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी- अजय उरांव, एसडीएम जांजगीर
मुझे इस काम के बारे में और मिट्टी खोदे जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। यदि मेरा नाम लिया जा रहा है तो वह गलत है, मैं इसे लेकर कार्यवाही के लिए अधिकारियों से कहूंगी- कमला पाटले, सांसद, जांजगीर-चांपा
Published on:
3 Jun 2018, 2:52 PM IST
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