बुहाना (झुंझुनूं)। 'कलक्टर साहब, ऐसी सड़क पर रोज-रोज मरने के बजाय तो अच्छा है एक दिन में मर जाऊं।' एक दिव्यांग ने जिला कलक्टर को पत्र सौंप कर यह चेतावनी दी है। वह पिछले चार साल भालोठ-पचेरीकलां सड़क को ठीक करवाने के लिए संघर्ष कर रहा है। अब उसने सड़क को ठीक करवाने के लिए प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है।