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Isha Ambani का राजस्थान में यहां है ससुराल, मिला 5 करोड़ का तोहफा

isha ambani anand piramal : ईशा अंबानी की शादी जाने-माने बिजनेस मैन अजय पीरामल के बेटे आनंद पीरामल के साथ तय हुई है।
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झुंझुनू

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Vishwanath Saini

•

Updated: 16 May 2018, 3:39 PM IST

Isha ambani

सीकर.

पहले पीरामल सेठ की नगरी, फिर शिक्षा में सिरमौर और अब ईशा अंबानी का ससुराल। ये पहचान है राजस्थान के झुंझुनूं जिले के लगभग 15 हजार की आबादी वाले कस्बे बगड़ की। इन दिनों बगड़ खासा सुखिर्यों में है। इसकी वजह है भारत के सबसे अमीर मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की शादी जाने-माने बिजनेस मैन अजय पीरामल के बेटे आनंद पीरामल के साथ तय होना। अजय पीरामल मूलरूप से बगड़ के ही रहने वाले हैं। ईशा-आनंद की सगाई होने पर बगड़ में भी खुशियों के लड्डू बांटे गए थे।

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बगड़ में अजय पीरामल की पैतृक हवेली भी है, जो पीरामल कोठी के नाम से जानी जाती है। इस लिहाज से ईशा अंबानी का बगड़ से 'ससुराल' का रिश्ता हुआ है। आईए जानते हैं ईशा अंबानी के ससुराल के लोगों क्या बड़ी सौगात मिली है।

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बगड़ के साथ ISHA AMBANI का नाम जुडऩा मान रहे शुभ

-झुंझुनूं जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित है बगड़ कस्बा।
-बगड़ में कुंभाराम लिफ्ट परियोजना के तहत हिमालय का मीठा पानी पहुंच चुका है।
-फिलहाल बगड़ के 42 फीसदी घरों में ही मीठे पानी की आपूर्ति हो रही है।
-शेष 58 फीसदी घरों में भी जल्द ही नहरी पानी पहुंचाया जाना है।
-बगड़ में कुंभाराम आर्य लिफ्ट परियोजना का पानी घर-घर पहुंचाने के लिए 5 करोड़ खर्च होंगे।
-पीएचईडी ने बगड़ में 2 उच्च जलाशय व 15 किमी लम्बी पाइप लाइन का प्रस्ताव भेजा है।
-जलापूर्ति व्यवस्था पर पांच करोड़ रुपए खर्च होने के कारण कई पीढिय़ों की पेयजल समस्या दूर होगी।
-जलदाय विभाग में स्वच्छ जलाशय के पास बने पम्प हाउस का नवीनीकरण होगा।
-उल्लेखनीय है कि बगड़ के Anand Piramal व ईशा अंबानी की सगाई पिछले सप्ताह ही हुई है।
-लोगों में यह भी चर्चा है कि ईशा अंबानी से बगड़ का रिश्ता जुडऩे के बाद कस्बे की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होने जा रहा है।


तीन साल पहले बगड़ आए थे आनंद पीरामल

पीरामल परिवार का बगड़ से खास जुड़ाव है। यहां के विकास में भी पीरामल परिवार की खासी भूमिका का है। बगड़ में कई स्कूल, कॉलेज और अस्पताल पीरामल परिवार की देन हैं। पीरामल स्कूल के कार्यक्रम में तीन साल पहले आनंद पीरामल बगड़ आए थे। इसके अलावा पिछले साल दिसम्बर में अजय पीरामल बगड़ पहुंचे थे।

पीरामल स्कूल ऑफ लीडरशीप की शुरुआत


बगड़ में पीरामल परिवार ने पीरामल स्कूल ऑफ लीडरशीप कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके पीछे मकसद था कि क्षेत्र में शिक्षा का स्तर सुधरे। इसी के तहत देश के प्रत्येक राज्य के सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक उनके यहां आकर शिक्षा गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण ले सकें। वर्तमान में देश के प्रत्येक राज्य के सरकारी स्कूल के यहां से प्रधानाचार्य एवं शिक्षक उनके यहां आकर प्रशिक्षण प्राप्त कर शिक्षा को बेहतर बनाने का प्रयास भी कर रहे है।

पेड़ों से बेहद लगाव है पीरामल परिवार को


बगड़ स्थित कोठी में आनंद पीरामल के परदादा का जन्म हुआ था। इसे पीरामल कोठी के नाम से जाना जाता है। सेठ पीरामल को पर्यावरण प्रेमी के रूप में भी याद किया जाता है। उन्होंने कस्बे में जगह-जगह पौधे लगाए। जोकि वर्तमान समय में विशाल वटवृक्ष के रूप में छाया प्रदान कर रहे हैं।

इनका कहना है

पीएचईडी के बगड़ जेईएन डालचंद सैनी ने बताया कि कस्बे में पानी आपूर्ति को देखते हुए 28 सौ उपभोक्ताओं में से 12 सौ उपभोक्ताओं को ही हिमालय का मीठा पानी मिल रहा है। बगड़ में दो उच्च जलाशयों के निर्माण एवं 15 हजार किमी पाइप लाइन बिछाने तथा पम्प हाउस के नवीनीकरण के लिए करीब पांच करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है।

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