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फलोदी जिले के खीचन पहुंची डेमोसाइल क्रेन में बर्ड फ्लू वायरस ने दस्तक दे दी है। बर्ड फ्लू से सात डेमोसाइल क्रेन की मौत हो गई है। भोपाल से आई रिपोर्ट में मृत कुरजां के विसरा जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद अब चिन्ता बढ़ गई है।
ऐसे में खीचन गांव में हजारों की तादाद में पहुंची डेमोसाइल क्रेन सहित थार के अन्य प्रजाति के पक्षियों का जीवन भी संकट में पड़ सकता है। इनमें राज्यपक्षी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड गोडावण भी शामिल है।
हाल ही में अमरीका के लुइसियाना में एच5 एन1 बर्ड फ्लू का संदिग्ध मिला है। फलोदी जिले के खीचन में इसी वायरस से संक्रमित डेमोसाइल क्रेन की मौत होने की पुष्टि हुई है।
खीचन में डेमोसाइल क्रेन की संदिग्धावस्था में मौत के बाद मृत कुरजां के सैंपल प्रयोगशाला में भेजे गए है, जिसमें सस्पेक्टेड होने का संदेह जताया गया है। इस संबंध में संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर सतर्क व अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए है। आमजन को भी कुरजां के रहवास व प्रवास वाले क्षेत्रों में अभी नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।
बर्ड फ्लू प्रभावित पक्षियों के संपर्क से मनुष्य में संक्रमण फैलने का खतरा अब तक नहीं आया है। पोल्ट्री के सीधे संपर्क, पोल्ट्री फार्म वाले, होटलों में पोल्ट्री मीट बनाने वाले तथा चिड़ियाघर के कर्मचारियों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
खीचन में बर्ड फ्लू की आशंका के बीच वनविभाग की टीम अलर्ट मोड है। वनविभाग की टीम सैलानियों को कुरजां के पड़ाव स्थल पर जाने से रोका जा रहा है।
फलोदी के खीचन में डेमोसाइल क्रेन की सात कुरजां की मौत के बाद भोपाल भेजी गई रिपोर्ट में एच5एन1 वायरस बर्ड फ्लू की पुष्टि की गई है। वनविभाग अधिकारियों से बातचीत करने पर इस संबंध में जिला कलक्टर को रिपोर्ट भेजी गई है।
Updated on:
21 Dec 2024 07:50 am
Published on:
21 Dec 2024 07:49 am
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