
जोधपुर। रात 12 बजे, नो थाना... जी हां, पढऩे-सुनने में थोड़ा अजीब लगे, लेकिन यह सच है। पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर में ऐसा ही हो रहा है। देर रात अथवा रात 12 बजे बाद यदि किसी व्यक्ति के साथ कोई वारदात हो जाती है या वो शिकायत लेकर थाने पहुंचता है तो उस पर कार्रवाई होना मुश्किल है, क्योंकि रात 12 बजे पुलिस स्टेशनों के मुख्य गेट बंद हो जाते हैं।
रात 12.57 बजे, पुलिस स्टेशन शास्त्रीनगर
शहर की पॉश कॉलोनी वाला व प्रमुख पाल रोड पर स्थित पुलिस स्टेशन शास्त्रीनगर। बुधवार रात 12.57 बजे थाने का मुख्य गेट बंद था। आगन्तुकों के लिए बने रिसेप्शन वाला कमरा भी बंद था। थाना परिसर में अंधेरा था। अंदर एक लाइट जरूर चालू थी।
रात 1.04 बजे, पुलिस स्टेशन चौहाबो
पुलिस स्टेशन चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, जहां बुधवार रात 1.04 बजे मुख्य गेट बंद हो चुका था। अंदर वाला चैनल गेट भी बंद हो गया था। आगन्तुकों के लिए बनाया गया रिसेप्शन कमरा भी बंद था।
अपराधियों का भय या नफरी की कमी
देर रात थानों के मुख्य गेट बंद होने से माना जा रहा है कि पुलिस को भी अपराधियों का डर है। वहीं, नफरी की कमी को भी वजह माना जा सकता है। वहीं, पुलिस अधिकारी थानों के दरवाजे बंद करने को गलत मान रहे हैं।
कुख्यात बदमाश की गिरफ्तारी पर होती है विशेष चौकसी
थानों में किसी कुख्यात बदमाश अथवा मुल्जिम के गिरफ्तार होने के दौरान विशेष चौकसी बरती जाती है। सुरक्षा के तौर पर मुख्य गेट बंद रखे जाते हैं। बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर भी सख्ती रहती है, लेकिन आम दिनों में देर रात थानों का गेट बंद होने से पीडि़त व्यक्ति बाहर ही ठिठक जाएगा।
रात 12 बजे नाइट पेट्रोलिंग के लिए निकलती है पुलिस
चोरी, नकबजनी अथवा अन्य वारदातों की रोकथाम के लिए रात 12 से सुबह पांच बजे तक पुलिस की नाइट पेट्रोङ्क्षलग होती है। हर थाने की पुलिस रात 12 बजे नाइट गश्त पर रहती है। पीछे हथियार सहित संतरी व अन्य पुलिसकर्मी की ड्यूटी थाने में रहती है।
लॉरेंस बिश्नोई की गिरफ्तारी पर बंद रखे थे गेट
अस्पताल मालिक व व्यवसायियों से रंगदारी वसूलने के लिए फायरिंग कर दहशत फैलाने व मोबाइल व्यवसायी की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने पंजाब के कुख्यात बदमाश लॉरेंस बिश्नोई को गिरफ्तार किया था। लॉरेंस के गुर्गों की सक्रियता के चलते थानों के गेट बंद रखे गए थे और विशेष चौकसी बरती गई थी।
गेट बंद करना गलत है...
रात को थानों के गेट बंद होना गलत है। यदि ऐसा है तो पता करवाता हूं। किसी विशेष परिस्थिति या किसी मुल्जिम के बंद होने पर अलग बात है।
गौरव यादव, पुलिस उपायुक्त पश्चिम जोधपुर
Published on:
09 Jun 2023 12:52 pm
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