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मददगार बेटे की मौत, बेटी व दोहिता गंभीर, पिता बोले, ‘मैं बहुत ही दुखियारा हूं…’

Jodhpur Gas Cylinder Blast: ’मौसेरे भाई सुरेन्द्रसिंह की शादी में शामिल होने के लिए मंझला पुत्र सुमेरसिंह उर्फ सुरेन्द्रसिंह भुंगरा गया था। मेरी बेटी जस्सु कंवर व दोनों दोहिते भी साथ गए थे।
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जोधपुर

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kamlesh sharma

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Updated: 12 Dec 2022, 5:16 PM IST

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जोधपुर। ’मौसेरे भाई सुरेन्द्रसिंह की शादी में शामिल होने के लिए मंझला पुत्र सुमेरसिंह उर्फ सुरेन्द्रसिंह भुंगरा गया था। मेरी बेटी जस्सु कंवर व दोनों दोहिते भी साथ गए थे। बारात रवाना होने से पहले सुरेन्द्र घर के बाहर पड़वे में बैठा था। तभी अचानक टेंट व ढाणी में आग लग गई। आग के गोले उठने लगे। चीख-चीत्कार मची तो पुत्र सुरेन्द्र भागने की बजाय आग की लपटों से घिरे लोगों को बचाने के लिए दौड़ा था। उसने तीन-चार जनों को जलती हालत में बाहर निकाल लिया था। इसमें वह भी जल गया था। तीन दिन तक जिंदगी व मौत से संघर्ष करने के बाद सुरेन्द्र की भी मौत हो गई। उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका है। हादसे में बेटी जस्सु कंवर व 4 साल का छोटा दोहिता कुलदीपसिंह भी झुलसे हैं। बड़ा दोहिता भाग निकलने से बच गया। मैं बहुत ही दुखियारा हूं...’

यह दुख बताते हुए सेना से सेवानिवृत्त हो चुके जैसलमेर जिले में चोक निवासी डूंगरसिंह का गला भर आया और आगे शब्द नहीं निकल पाए। उनका मंझला पुत्र सुरेन्द्रसिंह हादसे में झुलसे तीन-चार लोगों को बचाने के बाद झुलस गया था और शनिवार को उसकी मौत हो गई थी।

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जिले के शेरगढ़ थानान्तर्गत भुंगरा गांव में गत 8 दिसम्बर की दोपहर सुरेन्द्रसिंह की बारात रवानगी से कुछ देर पहले आग लग गई थी और गैस के दो सिलेण्डर फट गए थे। दूल्हे का भतीजा रतनसिंह व भतीजी खुशबू जिंदा जल गए थे। 61 लोग झुलस गए थे।

इनमें से 52 जनों को महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 9 दिसम्बर को दो महिला व तीन बच्चियों सहित छह जनों की और मृत्यु हुई थी। दस दिसम्बर को दूल्हे की बड़ी मां व मौसेरे भाई सुरेन्द्र सहित चार और जनों की मौत हो गई थी। 43 जनें अभी भी भर्ती हैं। रविवार को कोई मृत्यु न होने से सभी ने राहत की सांस ली।

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गांव में रहने वाले रिश्तेदार सज्जनसिंह का कहना है कि सुरेन्द्र के पिता डूंगरसिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं। सुरेन्द्र के दो और भाई व एक बहन भी हैं। मां का कुछ साल पहले निधन हो गया था। जबकि इकलौती बहन के पति का हार्ट अटैक से निधन हुआ था। उसके भी दो बेटे हैं। बहन जस्सु कंवर व छोटा भांजा कुलदीपसिंह भी एमजीएच में भर्ती हैं। आग से झुलसने पर बड़े भांजे ने जैकेट उतारकर फेंक दी थी और फिर खुद भाग गया था। जिससे उसकी जान बच गई थी।