इनमें से 52 जनों को महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 9 दिसम्बर को दो महिला व तीन बच्चियों सहित छह जनों की और मृत्यु हुई थी। दस दिसम्बर को दूल्हे की बड़ी मां व मौसेरे भाई सुरेन्द्र सहित चार और जनों की मौत हो गई थी। 43 जनें अभी भी भर्ती हैं। रविवार को कोई मृत्यु न होने से सभी ने राहत की सांस ली।