बेलवा (जोधपुर)। चार साल पहले सिर से पिता का साया उठ गया, मां ने कुछ सपने संजोए थे, लेकिन भुंगरा त्रासदी ने 13 वर्षीय रावल से अपनों के साथ ही सपने भी छीन लिए। अब हर कोई यही कह रहा है, हे नाथ! अब कौन है सहारा? अपने मौसरे भाई की शादी में गई मेरिया रामसिंह नगर निवासी 33 वर्षीय जसुकंवर व उसका पुत्र 9 वर्षीय लोकेन्द्रसिंह हादसे में बुरी तरह से झुलस गए थे।