जोधपुर। जून-जुलाई में अच्छी बारिश के कारण पाकिस्तान के नोरा, चोलिस्तार और थारपारकर मरुस्थल में भी कुछ टिड्डी रिपोर्ट की गई है जो एकल यानी सोलिटरी श्रेणी की है। कुछ टिड्डी ने प्रजनन भी किया है। हालांकि पाक में भी टिड्डी नियंत्रण कार्यक्रम चल रहा है। इधर अगस्त में मानसून का सूखा होने की वजह से राजस्थान में टिड्डी लगभग पूरी नियंत्रित हो चुकी है। बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर के पॉकेट एरिया में थोड़ी बहुत टिड्डी जो थी, वह समाप्त कर दी गई है। आने वाले दिनों में मानसून की बरसात कम होने से टिड्डी प्रजनन का खतरा नहीं रहेगा।