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972 करोड़ भी नहीं बुझा पाए मंडोर बनाड़ के लोगों की प्यास

- मंडोर बनाड़ को नहीं मिल रहा सुरपुरा बांध का पानी
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जोधपुर

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Jitendra Singh Rathore

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Updated: 21 May 2018, 7:16 PM IST

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972 करोड़ भी नहीं बुझा पाए मंडोर बनाड़ के लोगों की प्यास

- फिल्टर हाउस से पाइप लाइन नहीं डालने की वजह से नहीं पहुंच पा रहा है पानी

- टैंकर के सहारे हैं ज्यादातर इलाके

जोधपुर . यहां 972 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी मंडोर बनाड़ व करवड़ सहित कई इलाकों की प्यास नहीं बुझ पाई है। इन इलाकों में अभी तक भी सुरपुरा बांध का पानी नहीं पहुंच पाया है। अभी भी कायलाना से ही पानी जा रहा है और बहुत कम पानी आने की वजह से लोगों के सामने टैंकर के अलावा कोई चारा नहीं है। जबकि बांध का फिल्टर हाउस बने डेढ़ साल का समय बीत चुका है और कुछ इलाकों में यहां से पानी जा भी रहा है। केवल पाइप लाइन नहीं डलने की वजह से मंडोर बनाड़ व करवड़ सहित बाहरी इलाकों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
जानकारी के मुताबिक सुरपुरा बांध पेयजल योजना का फिल्टर हाउस चालू होने के बाद कई इलाकों में तो पानी दिया जा रहा है, लेकिन पाइप लाइन नहीं डालने की वजह से मंडोर बनाड़ सहित कई इलाकों में पानी नहीं जा रहा है। पाइप लाइन का काम भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। जबकि इन इलाकों में पेयजल की सबसे ज्यादा किल्लत है। अगर अब काम शुरू भी होता है तो भी गर्मी के इस सीजन में तो यहां सुरपुरा बांध का पानी पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। जिस वक्त मुख्यमंत्री ने इसका उद्घाटन किया था, उस वक्त विभाग ने दावा किया था कि जल्द ही सभी इलाकों में पानी पहुंचा दिया जाएगा। जबकि बांध का उद्घाटन हुए एक अरसा बीत चुका है।

कुछ ही इलाकों की बुझी है प्यास

बांध के उद्घाटन को लंबा अरसा बीतने के बाद भी यह कुछ ही इलाकों की प्यास बुझा पाया है। यहां के 80 लाख लीटर क्षमता के फिल्टर हाउस से लालसागर और सारण नगर सहित कई कॉलोनियों को ही जोड़ा गया है। जलदाय विभाग ने यहां से केवल दीनदयाल उपाध्याय नगर, माता का थान होते हुए डिगाड़ी व सारणनगर तक पाइप लाइन बिछाई थी। इससे दीनदयाल उपाध्याय नगर, कबीर आश्रम और माता का थान सहित कुछ इलाकों में पेयजल सप्लाई शुरू कर दी गई है।
जबकि अन्य इलाकों में आज भी पानी की किल्लत है

छोटी लाइन से ही आ रहा है पानी
सुरपुरा बांध तक पहुंचने वाला पानी इंद्रोका से पाइप लाइन के माध्यम से आ रहा है। हालांकि यहां से पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन इसे एक जगह मुख्य नहर से जोडऩे के लिए अभी लाइन डालनी है। फिलहाल छोटी लाइन से पानी आ रहा है इस वजह से कम पानी बांध तक पहुंच रहा है।

इस तरह पहुंच रहा है पानी
राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल का पंप हाउस इंद्रोका गांव में बना है। यहां नहर खुले में चलती है। यहां से पाइप लाइन के जरिये पानी बांध में पहुंचाया जा रहा है। उद्घाटन के वक्त नहर से बड़ी पाइप लाइन तक छोटी लाइन डाली गई थी। उसी लाइन से अब तक पानी पहुंच रहा है।

क्या है सुरपुरा बांध प्राजेक्ट ?

सुरपुरा बांध का काम 3 सितंबर 2013 को शुरू हुआ था। नागपुर की एसएमएस इन्फ्रा स्ट्रक्चर्स कंपनी के पास इसका ठेका था। बांध व फिल्टर हाउस का काम दो साल में पूरा होना था। इसके लिए करीब 972 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। बांध में 22.89 लाख घन मीटर मिट्टी और 1.28 लाख घन मीटर कंक्रीट का काम किया गया है। डिग्गी का तल 226 मीटर है और भराव क्षमता 210 एमसीएफडी है। इसकी कुल लंबाई 3150 मीटर है। निर्माण कंपनी ने बांध व फिल्टर हाउस का काम पूरा कर दिया है। अब यहां से जलदाय विभाग को पाइप लाइन डालनी है। लाइन नहीं डालने की वजह से कई इलाकों में पानी नहीं पहुंच रहा है।

इनका कहना है
सुरपुरा बांध से कई इलाकों में पानी दिया जा रहा है। पाइप लाइन नहीं डलने की वजह से कई इलाकों में पानी नहीं जा रहा है। पाइप लाइन का काम होने के बाद ही इन इलाकों में पानी दिया जा सकेगा।

-दिनेश पेड़ीवाल एसई, जलदाय विभाग जोधपुर