कोरोना महामारी में पैसेंजर ट्रेनों को बंद कर दिया गया था, लेकिन कोरोना खत्म होने के बाद पैसेंजर ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया गया। इसके बाद से पैसेंजर ट्रेनों के नंबर में जीरो लगाकर स्पेशल का टैग देकर चलाया जा रहा था। इसमें किराया ज्यादा था। रेलवे इनका किराया इस साल फरवरी से ही कम कर चुका है। स्पेशल ट्रेनों में किराया नियमित ट्रेनों की तुलना में 25 से 30 फीसदी तक ज्यादा होता है। ऐसे में नंबर नहीं बदलने से यात्रियों को किराए में भी कोई राहत नहीं मिलेगी। मजबूरन उन्हें अतिरिक्त किराया ही देना होगा। हालांकि जीरो नंबर हटाने के लिए रेलवे यात्री संगठनों ने मांग भी उठाई थी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। अब बोर्ड ने आदेश जारी कर वापस ले लिया है।