आयोजन समिति के संग्राम काला ने बताया मारवाड़ में 17वीं शताब्दी के दौरान उथलपुथल के बीच मारवाड़ के लिए अभेद्य दीवार बन जाना दर्शकों को चौंकाएगा भी और रोमांचित भी करेगा। राष्ट्रीयता के भाव को प्रज्ज्वलित करने सीमा सुरक्षा बल इस शो में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएगा। सीसुब जोधपुर स्थित सीमांत मुख्यालय से प्रशिक्षित ऊंटों का दल सीमा प्रहरियों के साथ शो के दृश्यों को सजीवता प्रदान करेंगे। प्रवक्ता सुधांशु टाक ने बताया कि बुधवार को प्रथम दिन खेड़ापा रामस्नेही पीठाचार्य पुरुषोत्तम दास, सींथल रामस्नेही पीठाचार्य क्षमाराम, सैनाचार्य स्वामी अचलानंदगिरि, सूरसागर बड़ा रामद्वारा के महंत संत रामप्रसाद, संत अमृतराम रामस्नेही, चांदपोल रामद्वारा संत हरिराम शास्त्री, देवरी धाम के संत रमैयादास, संत प्रहलाददास आदि संतों की उपस्थिति में शो का मंचन होगा।