8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

स्वतंत्रता दिवस पर बड़े शहरों की बजाय छोटे शहरों में अधिक बिके तिरंगे, देखें ये रिपोर्ट

संभागीय मुख्यालयों जयपुर,जोधपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर जैसे शहरों में तिरंगा के प्रति लोगों का रुझान कम रहा, जबकि ब्यावर, भीलवाड़ा, नागौर, श्रीगंगानगर जैसे छोटे शहरों ने रिकॉर्ड तोड़ दिए।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जोधपुर

•

image

Rakesh Mishra

•

Updated: 25 Aug 2023, 10:39 AM IST

independence_day.jpg

जोधपुर। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत डाक विभाग की ओर से पूरे देश में करीब एक पखवाड़े तक डाकघरों के माध्यम से तिरंगा झंडों की बिक्री की गई। राजस्थान में 7.99 लाख तिरंगा बिके। इस बार तिरंगा की सर्वाधिक बिक्री बड़े शहरों की बजाय छोटे शहरों में देखी गई। जयपुर ग्रामीण में सर्वाधिक 52 हजार तिरंगा खरीदे गए, जबकि जयपुर शहर जहां साठ लाख से अधिक जनसंख्या है, वहां केवल 39622 तिरंगा की ही बिक्री हो पाई। जोधपुरवासियों ने केवल 24 हजार तिरंगा ही खरीदे, जबकि पड़ौसी जिले नागौर में 45 हजार तिरंगा की बिक्री हुई।

यह भी पढ़ें- महज 2 इंच के मोबाइल से चला रहे अपराध की दुनिया, सेंट्रल जेल में मच गया हड़कंप, जानिए पूरा मामला

संभागीय मुख्यालयों जयपुर,जोधपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर जैसे शहरों में तिरंगा के प्रति लोगों का रुझान कम रहा, जबकि ब्यावर, भीलवाड़ा, नागौर, श्रीगंगानगर जैसे छोटे शहरों ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। टोंक, श्रीगंगानगर, जयपुर ग्रामीण, ब्यावर जैसे शहरों में झंडे ही खत्म हो गए। देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया। इसके तहत 13 से 15 अगस्त तक हर घर पर तिरंगा फहराया जाना था। घर-घर तक तिरंगा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने लगातार दूसरे साल डाक विभाग को चुना। 1 अगस्त से देश भर के 1.50 लाख डाकघरों मेें तिरंगा की बिक्री शुरू की गई। डाकघरों में तिरंगा 30 रुपए में उपलब्ध कराया गया। पूरे देश के डाकघरों में तिरंगे की आपूर्ति दिल्ली से की गई। ऐसे में सभी जगह एक ही आकार, रंग और एक जैसे कपड़े का तिरंगा झण्डा लोगों तक पहुंचा। गत वर्ष प्रदेश में 12.65 लाख तिरंगा झंडों की बिक्री हुई थी। इस बार मात्र 8 लाख ही रह गई। पिछले साल जयपुर और जोधपुर में एक-एक लाख से अधिक तिरंगा बिके थे।

यह भी पढ़ें- बॉर्डर के इस पार शांति, लेकिन पाकिस्तान में नजर आ रही ऐसी खतरनाक चीज, जानें पूरा मामला


3 हजार तिरंगा ऑनलाइन बिके
प्रदेश में डाकघरों में 7 लाख 99 हजार 23 तिरंगा झंडों की बिक्री काउंटर से हुई, जबकि 2937 तिरंगा ऑनलाइन बेचे गए। कुल मिलाकर डाक विभाग को 2 करोड़ रुपए की आय हुई। करीब डेढ़ लाख तिरंगा झंडे प्रदेश के डाकघरों में बगैर बिक्री के ही रह गए। टोंक, श्रीगंगानगर, जयपुर ग्रामीण, ब्यावर के डाकघरों में एक भी तिरंगा शेष नहीं बचा। सब बिक गए।


प्रदेश के 5 बड़े व छोटे शहरों में तिरंगा बिक्री

बड़े शहर- तिरंगा बिक्री- छोटे शहर- तिरंगा बिक्री
जोधपुर- 23895 नागौर- 45611
अजमेर- 29535 झालावाड़- 41887
कोटा- 30711 भीलवाड़ा- 41646
उदयपुर- 31968 ब्यावर- 36359
जयपुर सिटी- 39622 श्रीगंगानगर- 36772