रंगदारी के लिए फायरिंग कर के दहशत फैलाने वाला हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट साढ़े सात महीने से और वासुदेव इसरानी को गोली मारने वाला भोमाराम एक महीने से पुलिस को चकमा दे रहे थे। इनके पकड़ में न आने पर पुलिस को भी दीपावली पर कोई अप्रिय घटना होने की आशंका थी, लेकिन दीपावली से दो दिन पहले हरेन्द्र के गांधीनगर में होने की जानकारी हाथ लगी थी। पुलिस दल के साथ एसआई सोमकरण व हैड कांस्टेबल जमशेद खान को रात में ही रवाना किया गया था, जहां से गुरुवार शाम हरेन्द्र व अनमोल को पकड़ा गया। इन्हें लेकर पुलिस शुक्रवार तड़के तीन-चार बजे जोधपुर पहुंची और आरोपियों को बासनी थाने में रखवाया। बारह सौ किलोमीटर यात्रा की थकान उतर पाती उससे पहले ही भोमाराम के चंडीगढ़ में होने का पता लगा। तब दोनों पुलिसकर्मियों के साथ टीम को भोमाराम की तलाश में चण्डीगढ़ रवाना कर दिया गया, जहां से पुलिस ने भोमाराम व साथी को पकड़ लिया। सोलह सौ किलोमीटर की यात्रा पूरी कर के टीम शनिवार सुबह जोधपुर पहुंची।