
कन्नौज में शहीद सिपाही का मामला: हिस्ट्रीशीटर के बेटे को अफसोस, नहीं दिला पाया बिकरू कांड की याद
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में हिस्ट्रीशीटर के घर से हुई फायरिंग में सिपाही सचिन राठी शहीद हो गया। अब हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ पुलिस शिकंजा कस रही है। उसके घर की भी पैमाइश की जा रही है। जिससे कि बाबा का बुलडोजर चला कर मकान को ध्वस्त किया जा सके। पुलिस कार्रवाई में घायल अशोक यादव उर्फ मुन्नू लाल और उसके बेटे का इलाज राजकीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। जिसके पैरों में गोली लगी है।
पुलिस की हिरासत में होने के बावजूद उनके चेहरे पर खौफ नजर नहीं आ रहा है। पुलिस की पूछताछ के दौरान अशोक यादव का नाबालिक पुत्र जवाब दे रहा है। जिसने कहा कि पुलिस की किस्मत अच्छी थी। वरना बिकरू कांड याद दिला देता। बंदूक की नाल फटने के कारण फायरिंग नहीं कर सका।
पत्नी को जेल भेजा गया
राजकीय मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती अशोक यादव और उसके बेटे को किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। सुरक्षा में बड़ी संख्या में पुलिस वालों को लगाया गया है। पुलिस की निगरानी में घायलों का उपचार चल रहा है। जबकि हिस्ट्रीशीटर की पत्नी को जेल भेज दिया गया है। सौरिख पुलिस को सुरक्षा में लगाया गया है।
एसडीएम की निगरानी में हुआ पैमाइश
पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले हिस्ट्रीशीटर के घर की जिला प्रशासन ने पैमाइश कराई। अशोक यादव का मकान गाटा संख्या 586 पर बना हुआ है। खतौनी में भी अशोक कुमार यादव नाम दर्ज है। हिस्ट्रीशीटर ने मकान बनाने में ईमानदारी बरती।
कैसे चले बुलडोजर?
पैमाइश करने पहुंचे अधिकारियों का मानना था कि सार्वजनिक स्थल, नाली या चकरोड पर मकान बना होता तो बुलडोजर चलाने में आसानी होती। अब पुलिस व प्रशासन अन्य रास्ते खोज रही है। उप जिलाधिकारी उमाकांत तिवारी ने बताया कि धरनीधरपुर नगरिया गांव में सरकारी भूमि का सर्वे किया जा रहा है। सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
27 Dec 2023, 9:44 AM IST
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