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चार साल से न्याय पाने को भटक रहे साधू ने किया आत्मदाह का प्रयास, मचा हड़कम्प

कन्नौज जिले के छिबरामऊ तहसील का मामला, जानें क्या है पूरा मामला
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कन्नौज

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Hariom Dwivedi

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Updated: 21 Dec 2017, 7:51 AM IST

Sadhu attempt to suicide

कन्नौज. छिबरामऊ तहसील में उस वक्त हड़कम्प मच गया,जब तहसील में चल रहे सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक साधू ने आत्मदाह की कोशिश की। तहसील दिवस में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने साधु को बचाकर कस्टडी में ले लिया। अपनी बेटियों के साथ आये साधू का कहना है कि तीन साल से इंसाफ के लिए अफसरों के चक्कर काट रहा हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। साधु का मामला 2013 से चल रहा है, अभी तक उनको न्याय नहीं मिला है।

अफसरों ने समझाया
कन्नौज के छिबरामऊ तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान ग्राम सफाखेड़ा निवासी बाबा विश्राम दास पुत्रियों के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि मार्च 2013 में मारपीट कर घायल होने के बाद अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। उनको इस दौरान भी अफसरों ने समझाया पर संतुष्ट न होने की बात कहकर अचानक केरोसिन डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। सीओ ने उनको हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया। तहसील में बताया गया है कि अब उनकी समस्या का निस्तारण प्राथमिकता से कराया जाएगा।

ऐसे किया आत्मदाह का प्रयास
कन्नौज की छिबरामऊ तहसील के सफाखेड़ा गांव का विश्राम दास आज सुबह ही समाधान दिवस में पहुंच गया और बहुत देर तक अफसरों के बीच अपनी समस्या को लेकर चक्कर काटता रहा, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो अचानक उसने मिट्टी का तेल अपने ऊपर छिड़क कर आग लगाना चाहा तो वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों ने उसको बचा लिया। जिसके बाद उसको पुलिस की सुपुर्दगी में कर दिया गया।

यह है मामला
विश्राम दास का कहना है कि 2013 में गांव के कुछ दबंगों ने हमला कर अपाहिज कर दिया था। तब से वह दबंगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के लिये पुलिस के चक्कर लगा रहा है, लेकिन चार साल बाद भी पुलिस ने न मुकदमा दर्ज किया है और न ही समाधान दिवसों में कोई सुनवाई हो रही है।

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