
Priyanka
कानपुर. कानपुर के बाल संरक्षण गृह की 56 कोरोना पॉजिटिव लड़कियों में पांच गर्भवती मिली हैं। दरअसल शाम तक केवल दो लड़कियों के गर्भवती होने की बात आई थी। देर राथ इसकी पुष्टि कानपुर एसएसपी व जिलाधिकारी ने की है। हालांकि इनका यह भी कहना है कि यह सभी संवासिनी सेल्टर होम आने से पहले ही गर्भवती थीं। इस मामले पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सवाल उठाते हुए इसे अमानवीय घटना करार दिया है। वहीं मामले पर महिला आयोग की सदस्य पूनम कपूर का कहना है कि सीएम योगी ने इस मामले का संज्ञान में लिया है। मुख्यमंत्री ने कानपुर जिलाधिकारी से बात इस पर बात भी की है।
कुुुल सात पाई गई हैं प्रेगनेंट-
मामले पर मंडलायुक्त डॉ सुधीर एम बोबडे के निर्देश पर डीएम डॉ ब्रह्म देव राम तिवारी ने बताया कि इस संरक्षण गृह में कुल 57 कोरोना पॉजिटिव संवासिनी पाई गई हैं। बाल गृह में कुल संरक्षित बालिकाओं में से 7 गर्भवती पाई गईं हैं, जिसमें से 5 को कोरोना हैंं। बाकी दो गर्भवती की रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। उन्होंने बताया कि पांच पॉजिटिव संवासिनी जनपद आगरा, एटा, कन्नौज फिरोजाबाद व कानपुर के बाल कल्याण समिति ने भेजा था। यह 7 बालिकाएं संवासिनी सेल्टर होम आने से पहले ही गर्भवती थीं।
कानपुर एसएसपी का यह है कहना-
कानपुर के एसएपी दिनेश कुमार पी. ने मामले पर कहा कि लड़कियां शेल्टर होम आने से पहले ही प्रेग्नेंट थीं। आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज है। जिन दो लड़कियों को पहले गर्भवती होने की बात हो रही थी, उनमें से एक लड़की कन्नौज व दूसरी आगरा से आई थी। बेवजह मामले को गलत मोड़ दिया जा रहा है।
बहुत ही अमानवीय घटनाएं घट रही- प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मामले पर अपने फेसबुक वॉल पर लिखा, कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह में 57 बच्चियों को कोरोना की जांच होने के बाद एक हैरानी करने वाला तथ्य सामने आया। 2 बच्चियां गर्भवती निकलीं और एक को एड्स पॉजिटिव निकला। मुजफ्फरपुर (बिहार) के बालिका गृह का पूरा किस्सा देश के सामने है। यूपी में भी देवरिया से ऐसा मामला सामने आ चुका है। ऐसे में पुनः इस तरह की घटना सामने आना दिखाता है कि जांचों के नाम पर सब कुछ दबा दिया जाता है लेकिन सरकारी बाल संरक्षण गृहों में बहुत ही अमानवीय घटनाएं घट रही हैं।
यह था मामला-
दरअसल तीन दिन पहले ही गुरुवार को राजकीय बाल संरक्षण गृह में रहने वालों में कोरोना के लक्षण पाए जाने उनकी जांच के लिए सैंपल लिए गए थे। कुल 97 लोगों की जांच की गई। जिनमें से 57 में कोरोना की पुष्टि हुई है। इनमें 56 राजकीय बाल संरक्षण गृह की लड़कियां हैं। शाम तक इनमें से दो 17 साल की किशोरियां के गर्भवती पाए जाने के बाद एक को एचआईवी व दूसरे को हेपेटाइटिस सी होने की पुष्टि हुई, जिससे स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन में हड़कंप मच गया।
Published on:
21 Jun 2020, 10:57 PM IST
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