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राजस्थान के 82 गांव-ढाणियों में लगेंगे विकास के पंख, 58 करोड़ की लागत होंगे ये काम

राजस्थान की 82 गांव-ढाणियों के लिए सरकार ने 58 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृति जारी की है।
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करौली

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Lokendra Sainger

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Updated: 20 Nov 2024, 12:28 PM IST

file photo

Karauli News: दशकों से पेयजल संकट झेल रहे डांग क्षेत्र के बाशिंदों को अब खुशखबरी आई है। सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के तहत विधानसभा क्षेत्र के 82 गांव-ढाणियों के लिए 58 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति जारी की है। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से इस संबंध में स्वीकृति जारी होने के बाद शीघ्र ही जल योजनाओं पर कार्य शुरू हो जाएगा। इससे डांग इलाके के बाशिंदों को पेयजल संकट से निजात मिल सकेगी। यह जल योजनाएं सौर ऊर्जा से संचालित होंगी।

सपोटरा विधायक हंसराज मीना के प्रयासों से यह स्वीकृति जारी होने के बाद विधानसभा क्षेत्र गांवों के लोगों ने खुशी जताई है। गौरतलब है कि सपोटरा इलाके में अनेक गांव डांग क्षेत्र में बसे हैं, जहां अभी तक बिजली की रोशनी नहीं पहुंची है ऐसे में इन गांव-ढाणियों में अब तक पेयजल योजनाएं भी नहीं है। डांग इलाके की इस बड़ी समस्या को लेकर विधायक हंसराज मीना ने विधानसभा में मांग उठाई थी।

लगेंगे 167 नलकूप, बनेंगी 334 पेयजल टंकियां

सरकार ने योजनान्तर्गत 167 नलकूप, 334 पानी की टंकी एवं 200 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन के लिए क्षेत्र के 82 गांव व ढाणियों के लिए स्वीकृति जारी की है। ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए 58.06 करोड़ की स्वीकृति के आदेश केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय से जारी की गई है।

इनको मिलेगा फायदा

विधायक ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना से 167 नलकूपों पर 7500 लीटर क्षमता की 334 पानी की टंकी स्थापित होंगी। नलकूपों का संचालन सौर ऊर्जा से होगा। राज्य सरकार ने इस संबंध में 18 नवबर को आदेश जारी कर दिए।

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि योजना से सपोटरा, कैलादेवी और करौली क्षेत्र के कुल 82 गांवों के हजारों परिवारों को नल कनेक्शन से पानी उपलब्ध हो सकेगा।

गर्मियों में गहराता है पेयजल संकट

डांग क्षेत्र के गांवों में विशेष रूप से गर्मी के मौसम में पेयजल संकट गहराता है। पानी की खातिर लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। पेयजल स्रोतों के सूखने से पथरीले क्षेत्र में कई किलोमीटर तक की भागदौड़ कर पानी का जुगाड़ करते हैं।

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मंत्री को बताई थी समस्या

पिछले माह 15 अक्टूबर को क्षेत्रीय विधायक हंसराज मीणा ने सवाईमाधोपुर में जलदाय मंत्री कन्हैयालाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई समीक्षा बैठक के दौरान डांग इलाकों के वाशिदों की पेयजल की मांग को लेकर मुद्दा उठाया था। जिस पर मंत्री ने विधायक को समस्या का निस्तारण करवाने के लिए आश्वस्त किया था।

मिली स्वीकृति, वादा होगा पूरा

डांग क्षेत्र में लबे समय से पानी की समस्या बनी हुई है। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मैने लोगों से विधानसभा में पहुंचने के बाद पेयजल समस्या समाधान का वादा किया था। चुनाव जीतने के बाद विधानसभा से लेकर दिल्ली तक मैने लगातार प्यास किए। जिस पर केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से स्वीकृति जारी की गई है। जल जीवन मिशन योजना केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके प्रति पूर्ववर्ती सरकार के जनप्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया। अब हमारी डबल इंजन की सरकार ने डांग क्षेत्र के बाशिंदों को राहत प्रदान की है।- हंसराज मीना, विधायक सपोटरा

पत्रिका ने भी उठाया था मुद्दा

डांग क्षेत्र में पेयजल समस्या को लेकर राजस्थान पत्रिका ने समय-समय पर समाचार प्रकाशित किए थे। समाचारों के माध्यम से डांग क्षेत्र के बाशिंदों की पानी की पीड़ा बताते हुए जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया था।

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