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अपने ही जिले के महोत्सव में नहीं बुलाए गए डिप्टी CM केशव मौर्य, CM योगी ने किया उद्घाटन, दिनेश शर्मा ने समापन

कौशाम्बी महोत्सव से फिर सामने आयी CM योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव मौर्य का मतभेद, अमित शाह तक पहुंचा मामला।
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कौशाम्बी

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Mohd Rafatuddin Faridi

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Updated: 9 Apr 2018, 7:21 PM IST

Yogi Adityanath and Keshav Prasad Maurya

योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य

शिवनंदन साहू
कौशाम्बी. लोकसभा चुनाव 2019 की जंग एक बार फिर से फतह करने की जुगत में जुटी भाजपा के अन्दरखाने बहुत कुछ सही नहीं चल रहा। बानगी कौशाम्बी महोत्सव में दिखाई पड़ी। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का पैतृक जनपद होने के बावजूद वह 'कौशाम्बी महोत्सव' में नही पहुंचे। पार्टी और विपक्षी खेमे में भी यह चर्चा का विषय रहा। इसको लेकर केशव समर्थक विधायक संजय गुप्ता ने तो आयोजकों की मंशा पर ही सवाल उठा दिये। इसके बाद से अब कौशाम्बी से भाजपा सांसद विनोद सोनकर सफाई देते फिर रहे हैं। बीजेपी की इस अंदरूनी रार की खबर दिल्ली के कानों तक पहुंची तो राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को दिल्ली तलब कर लिया। जिस दिन योगी व केशव दिल्ली में थे उसी दिन सांसद विनोद सोनकर का भी दिल्ली पहुंचना चर्चाओं को हवा दे गया।


यूपी विधानसभा चुनाव के बाद से ही बीजेपी में अंदरूनी विवाद आए दिन सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना रहता है। न सिर्फ बीजेपी नेताओं की आपसी रार, बल्कि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बीच भी सबकुछ ठीक न रहने की खबरें मीडिया में खूब चलीं। पिछले दिनों कौशाम्बी महोत्सव में तो जैसे भाजपा की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई। 'कौशाम्बी महोत्सव' का आयोजन मुख्यमंत्री के नजदीकी कहे जाने वाले कौशाम्बी सांसद विनोद सोनकर ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने और समापन उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने किया। पर हैरत की बात यह कि कौशाम्बी के ही रहने वाले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को इस पूरे कार्यक्रम से दूर रखा गया। आयोजकों ने पोस्टर-बैनर तक में उन्हें जगह नहीं दी।


केशव मौर्य यहीं से केशव मौर्य पहली बार यहीं से विधायक बनकर राजनीतिक क्षितिज पर चमके थे। केशव का महोत्सव में न पहुंचना कई सवालों को जन्म दे गया। जब केशव नही पहुंचे तो समर्थकों ने भी कार्यक्रम से दूरी बना ली। केशव समर्थक चायल विधायक संजय गुप्ता महोत्सव में पहुंचे तो उन्हें भी ज्यादा तवज्जो नहीं मिली। इसके बाद तो महोत्सव खत्म होते ही संजय ने खुलकर मीडिया के सामने कहा कि 'कौशाम्बी महोत्सव' बीजेपी का नही सांसद विनोद सोनकर का आयोजन था।


केशव कौशम्बी नहीं पहुंचे तो तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। इन्हें उस समय और बल मिला जब इलाहाबाद में सीएम के कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य नहीं पहुंचे। फिर क्या था, पार्टी के अंदर मची उथल पुथल खुलकर बाहर आ गई। पहले कौशाम्बी फिर इलाहाबाद में पार्टी के दो दिग्गजों के बीच मची रार की खबर दिल्ली में बैठे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक पहुंच गई। उन्होंने बिना मौका गंवाए योगी व केशव को सात अप्रैल को दिल्ली तलब कर लिया। सूत्रों की मानें तो दिल्ली में दोनों नेताओं से पार्टी अध्यक्ष ने बात करके आपसी मनभेद भुलाकर 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटने को कहा है। वहीं दूसरी ओर विपक्ष भाजपा की इस अंदरुनी रार को भुनाने की जुगत में लग गया है।