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कांग्रेस सरकार का पहला जल महोत्सव रहा फ्लॉप शो साबित

पर्यटन केंद्र पर छाया सन्नाटा, अवकाश के दिन आए नाम मात्र पर्यटक-हनुवंतिया जल महोत्सव खत्म होने के बाद टेंट सिटी भी हुई उजाड़
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खंडवा

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Manish Arora

•

Mar 02, 2020

कांग्रेस सरकार का पहला जल महोत्सव रहा फ्लॉप शो साबित

पर्यटन केंद्र पर छाया सन्नाटा, अवकाश के दिन आए नाम मात्र पर्यटक-हनुवंतिया जल महोत्सव खत्म होने के बाद टेंट सिटी भी हुई उजाड़

खंडवा. प्रदेश सरकार द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी व्यापक प्रचार-प्रसार के अभाव में पर्यटन केंद्र हनुवंतिया पर चौथा जल महोत्सव फ्लॉप शो ही साबित हुआ। जल महोत्सव समाप्त होने के बाद तो पर्यटन केंद्र पर सन्नाटा सा छा गया है। रविवार को अवकाश का दिन होने से यहां करीब 500 पर्यटक जरूर पहुंचे, लेकिन उनमें अधिकतर स्कूली विद्यार्थी थे, जिन्हें शैक्षणिक भ्रमण के तहत शिक्षकगण लेकर आए थे। यहां रविवार को क्रुज और बोट का संचालन भी हुआ।
कांग्रेेस सरकार के कार्यकाल में हनुवंतिया पर पहली बार जल महोत्सव आयोजित हुआ था। एक माह चले इस जल महोत्सव में पिछले तीन जल महोत्सव की तुलना में 10 प्रतिशत भी पर्यटक नहीं पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के कार्यकाल में हुए तीन जल महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं रूची लेने के कारण पर्यटकों का यहां तांता लगा रहा था। दूसरे जल महोत्सव में तो यहां 1.14 लाख पर्यटक यहां पहुंचे थे। जबकि चौथे जल महोत्सव में पर्यटकों की संख्या मात्र 20 हजार ही रही। इसका मुख्य कारण प्रदेश सरकार द्वारा जल महोत्सव में रूचि नहीं लेना, पर्यटन विभाग द्वारा जल महोत्सव की सारी व्यवस्थाएं निजी हाथों में देना, व्यापक प्रचार प्रसार न होना और जल महोत्सव के सांस्कृतिक मंच का टेंट सिटी में बनाए जाने से आम दर्शकों की पहुंच से दूर होना बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री, मंत्रियों ने नहीं ली सुध
उल्लेखनीय है कि पिछले तीनों जल महोत्सव में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह स्वयं भी पर्यटन केंद्र पर आकर रुके थे। यहां तक की केबिनेट की दो बैठक भी जल महोत्सव के दौरान आयोजित की गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने तो पत्नी साधना सिंह सहित दो दिन भी जल महोत्सव के दौरान पर्यटन केंद्र पर बिताए थे। पिछले तीनों जल महोत्सव के दौरान विदेशी पर्यटक भी यहां पहुंचे थे। जबकि चौथे जल महोत्सव में एक भी विदेशी पर्यटक यहां नहीं आया। मुख्यमंत्री कमलनाथ यहां सिर्फ उद्घाटन के लिए यहां पहुंचे थे। इसके बाद एक भी मंत्री तक यहां नहीं पहुंचा। न ही पर्यटन विभाग के बड़े अधिकारी यहां आए।