
खंडवा. कागजों में मृत घोषित वृद्धा अपने पति के साथ पहुंची जनसुनवाई में।
नगर निगम की एक गलती ने दस्तावेजों में एक दिव्यांग वृद्ध महिला को मृत बता दिया है। अपने जीवित होने का सबूत लेकर दिव्यांग महिला खुद जिला प्रशासन के द्वार पहुंच गई। मंगलवार को जनसुनवाई में निगम नेता प्रतिपक्ष दिव्यांग वृद्धा को लेकर पहुंचे। दिव्यांग पीडि़ता ने बताया कि उन्हें मृत बताने के कारण पिछले तीन साल से उनकी पेंशन भी नहीं मिल रही है।
मंगलवार को जनसुनवाई में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। कुष्ठ रोग से ग्रसित, आंखों से दिव्यांग वृद्धा शशिकला पति पूनमचंद अपने गले में तख्ती डालकर पहुंचीं, जिस पर लिखा था कलेक्टर साहब मुझे प्लीज जिंदा कर दिजिए। दरअसल मामला यह है कि निर्मल धाम कुष्ठ बस्ती निवासी 78 वर्षीय वृद्धा शशिकला की समग्र आईडी में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। जिसके चलते शशिकला की वृद्धा और दिव्यांग पेंशन भी 21 सितंबर 2024 से बंद हो गई है। महिला और उसके पति किसी तरह से अपना जीवन गुजर-बसर कर रहे हैं।
उक्त महिला की जानकारी मिलने पर निगम नेता प्रतिपक्ष दीपक मुल्लू राठौर ही वृद्धा को लेकर जनसुनवाई पहुंचे थे। यहां उन्होंने निगम के दस्तावेजों के साथ जनसुनवाई कर रहे जिला पंचायत सीईओ ऐश्वर्य वर्मा को इसकी शिकायत की। जिपं सीईओ ने तुरंत ही नायब तहसीलदार और नगर निगम अधिकारी को बुलाकर हर हाल में शाम तक महिला के रिकॉर्ड दुरूस्त करने के निर्देश दिए।
पीडि़त दिव्यांग महिला के गले में तख्ती देखकर जिपं सीईओ ने इस बात पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष मुल्लू से कहा कि इस तरह से किसी महिला की अस्मिता के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष का कहना था कि पिछले तीन साल से महिला विभिन्न विभागों में भटक रही है, उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। हाथों की उंगलियां गलने से थंब भी नहीं लग रहा, आंखों से दिव्यांग होने के कारण आई इंप्रेशन भी नहीं ले रहा। महिला को अपनी बात कहने का अधिकार है।
महिला के आधार अपडेट की रिकवेस्ट डाल दी है। यूआईडी बनकर आ जाएगा तो समग्र आईडी भी ठीक कर दी जाएगी।
अनिल चंदेल, ई-गवर्नेंस अधिकारी
Updated on:
4 Nov 2026, 11:40 AM IST
Published on:
4 Nov 2026, 11:40 AM IST
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