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थाली में जहर… छिंदवाड़ा में पतंजलि काउ घी के सैंपल फेल, राज्य नियंत्रक ने जारी किए हटाने के आदेश

-खंडवा में भी बड़ी मात्रा में बिकता है पतजंलि घी, खाद्य औषधि विभाग ने शुरू की जांच -मॉल, पतंजलि स्टोर्स, किराना दुकानों सहित होलसेल डीलर्स के यहां पहुंचे अधिकारी
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खंडवा

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Manish Arora

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Oct 10, 2026

Patanjali Cow Ghee Sample Fails

खंडवा. पतंजलि घी को लेकर दुकान में जांच करते खाद्य सुरक्षा अधिकारी।

छिंदवाड़ा जिले में पतंजलि काउ घी के सैंपल लैब में फेल होने के बाद मप्र खाद्य एवं औषधि नियंत्रक ने पूरे प्रदेश में जांच के निर्देश जारी किए है। फेल हुए घी के बेच नंबर के पूरे स्टॉक को भी हटाने के निर्देश दिए गए है। खंडवा में भी खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा स्टॉकिस्ट, मॉल, पतंजलि स्टोर्स और किराना दुकानों पर जांच की गई, जिसमें उक्त बैच नंबर का स्टॉक नहीं पाया गया है।

जांच में असुरक्षित पाया घी का सैंपल

मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों को लेकर प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत छिंदवाड़ा जिले के देलखारी तहसील तामिया में लिए गए पतंजलि काउ घी पैक 200 एमएल, बैच नंबर एफएडब्ल्यूबी 260017 निर्माण तिथि अप्रैल 2026 के सैंपल लेकर भोपाल लैब में जांच के लिए भेजे गए थे। उक्त सैंपल की रिपोर्ट फेल पाए जाने पर राज्य खाद्य एवं औषधि नियंत्रक मनोज पुष्प ने सुखबीर सिंह आयुक्त खाद्य सुरक्षा मप्र को पूरे प्रदेश से उक्त बैच नंबर के स्टॉक को बाजार से हटाने के निर्देश 8 अक्टूबर को जारी किए गए थे। उक्त बैच नंबर का घी मिलने पर तत्काल जब्त कर संबंधित निर्माता/विक्रेता पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए है।

जिले में बड़ी मात्रा में घी की खपत

पतंजलि काउ घी की खंडवा जिले में भी बड़ी मात्रा में खपत होती है। राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी राधेश्याम गोले और मयूरी डोंगरे द्वारा पतंजलि स्टोर्स सहित मॉल व अन्य स्थानों पर जांच की गई। इस दौरान बैच नंबर एफएडब्ल्यूबी 260017 का स्टॉक जिले में नहीं पाया गया है। इस दौरान खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा पतजंलि के अन्य उत्पादों का सैंपल जरूर लिया गया।

खुले तेल-घी को लेकर कोई मानक तय नहीं

जिले में ब्रांडेड घी-तेल के साथ ही खुला घी और तेल भी बिक रहा है। खुले में बिकने वाले तेल-घी को लेकर खाद्य एवं औषधि विभाग का कोई मानक तय नहीं है। पैकिंग नहीं होने से इनका सैंपल भी नहीं लिया जाता। जबकि खुले तेल और घी में मिलावट की संभावना सबसे ज्यादा होती है। करीब दो माह पहले एक ब्रांडेड कंपनी के पैकिंग सोयाबीन ऑयल में पॉम ऑयल की शंका की शिकायत भी हुई थी। जिसके बाद खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा इसके सैंपल भी लिए गए थे। इस सैंपल की रिपोर्ट भी अब तक नहीं आई है।

नियमानुसार हो रही जांच

पतजंलि घी को लेकर हमने कई दुकानों पर जांच की है। असुरक्षित पाए गए बैच का घी हमारे यहां नहीं मिला है। खाद्य पदार्थों और तेल-घी की जांच भी समय-समय पर हमारे द्वारा नियमानुसार की जाती है।
राधेश्याम गोले, खाद्य सुरक्षा अधिकारी