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Unique Wedding: दुर्गापूजा के उत्सवी माहौल में अनोखी शादी, मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने अजय-सुमना ने पहनाई वरमाला

Durga Puja Wedding: पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर में अजय नस्कर और सुमना हालदार ने दुर्गापूजा पंडाल में एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। दोनों पहले ही कानूनी रूप से विवाह का पंजीकरण करा चुके थे।
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Unique wedding

एक दूसरे को वरमाला पहनाते हुए। फोटो- पत्रिका

डायमंड हार्बर। पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा के उत्सवी माहौल के बीच दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में एक अनोखी शादी आकर्षण का केंद्र बन गई। ‘हमरा कजन’ बैंकपाड़ा दुर्गापूजा पंडाल में अजय नस्कर और सुमना हालदार ने मां दुर्गा को साक्षी मानकर एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। खास बात यह रही कि दोनों पहले ही कानूनी प्रक्रिया के तहत विवाह का रजिस्ट्रेशन करा चुके थे। इसके बाद उन्होंने दुर्गापूजा पंडाल में वरमाला पहनाकर अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत को यादगार बनाया।

डायमंड हार्बर के सरिषा नसा गांव निवासी अजय नस्कर और मगराहाट की रहने वाली सुमना हालदार ने परिवारों की सहमति से विवाह करने का फैसला किया। तय कार्यक्रम के अनुसार दोनों ने पहले विवाह का रजिस्ट्रेशन कराया। हालांकि वे इस खास अवसर को केवल कानूनी औपचारिकता तक सीमित नहीं रखना चाहते थे। दुर्गापूजा के पावन अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने हमसफर बनने का निर्णय लिया।

मां के मंडप में की नई शुरुआत

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों ‘हमरा कजन’ बैंकपाड़ा दुर्गापूजा पंडाल पहुंचे। इस रस्म को देखने के लिए वहां मौजूद लोगों में उत्साह नजर आया। पूजा पंडाल में देवी दर्शन और उत्सव के बीच दोनों को बधाई देने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों और पूजा समिति से जुड़े सदस्यों ने दोनों को सुखी वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।

आमतौर पर विवाह के लिए अलग मंडप सजाया जाता है और पारंपरिक रस्मों के लिए विशेष तैयारियां की जाती हैं, लेकिन अजय और सुमना ने दुर्गापूजा मंडप को ही अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत का साक्षी बनाया। अजय नस्कर ने अपनी शादी के बारे में बताया कि षष्ठी के दिन विवाह के रजिस्ट्रेशन की तारीख पड़ना पहले से तय किसी विशेष योजना का हिस्सा नहीं था।

पहल की सराहना

पूजा समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने दोनों की पहल की सराहना की। अजय ने स्पष्ट किया कि उनका विवाह परिवार से भागकर नहीं हुआ, बल्कि दोनों परिवारों की सहमति से वे विवाह के बंधन में बंधे हैं। इस तरह कानूनी रजिस्ट्रेशन के बाद दुर्गापूजा मंडप में हुई वरमाला की रस्म उनके लिए एक यादगार अवसर बन गई। दुर्गापूजा को खुशियां, मिलन और नई उम्मीदों का पर्व माना जाता है। ऐसे में षष्ठी के दिन मां दुर्गा के सामने वरमाला पहनाने वाले अजय और सुमना की शादी ने उत्सव के माहौल में एक अलग रंग भर दिया।