
कोयला उत्पादन में एसईसीएल पहला तो महानदी कोल फिल्ड दूसरे स्थान पर, जानें पिछले साल की तुलना में कितना हुआ अधिक उत्पादन
कोरबा. चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही तक ७२.२३ मिलियन टन कोयले का उत्पादन कर, एसईसीएल ने सभी अनुषांगिक कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। अप्रैल से सितंबर कोल इंडिया ने २५६ मिलियन टन कोयला उत्पादन किया है। जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने २३१.८८ मिलियन टन उत्पादन किया है। यह पिछले साल की तुलना में १०.६ फीसदी अधिक है। ६१.२३ मिलियन टन कोयला उत्पादन के साथ कोल इंडिया की अनुषांगिक कंपनी महानदी कोल फिल्ड दूसरे स्थान पर है। जबकि नार्दन कोल फिल्ड ने ४८.३८ मिलियन टन कोल का उत्पादन किया है।
चालू वित्तीय वर्ष में कोयले के डिस्पेच में ८.१ फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। इससे कोल इंडिया का मुनाफा भी बढ़ा है। एसईसीएल को उत्पादन लक्ष्य तक पहुंचाने में सबसे बड़ा योगदान गेवरा, दीपका और कुसमुंडा खदान का है। तीनों महत्पवूर्ण खदानों से एसईसीएल को कुल उत्पादन लक्ष्य का आधा से अधिक हिस्सा से प्राप्त होता है। हालांकि सितंबर के महिने में जिले में हुई झमाझम बारिश से कोयल के उत्पादन पर असर पड़ा है। एसईसीएल सितंबर में उत्पादन के लक्ष्य को नहीं प्राप्त कर सका है।
Published on:
08 Oct 2018 11:10 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
