इधर, SECL की ओर से प्रभावित किसानों को बताया गया है कि कंपनी क्षतिपूर्ति देने का तैयार है। लेकिन इसके लिए राजस्व विभाग की ओर नुकसान का आंकलन और राशि की मांग से संबंधित पत्र जारी नहीं किया गया है। दर असल अभीतक राजस्व विभाग ने तीन साल में किसानों की जमीन का सर्वे ही नहीं किया है। इससे यह अनुमान नहीं लगा सका है कि नुकसान कितने रुपए का हुआ है? इस कारण कोयला कंपनी राशि जारी नहीं हो रही है।