घटना दर्री थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर की है। मोहन टॉकिज रोड में निशा चौहान अपने बेटी शीतल चौहान के साथ रहती है। गुरुवार देर रात निशा घर पहुंची। घर का दरवाजा अंदर से बंद था। निशा ने बाहर से कई बार आवाज लगाई। भीतर से कोई जवाब नहीं आया। निशा को लगा कि बेटी नींद से सोई होगी। इस कारण दरवाजा नहीं खोल रही है। दरवाजा खोलने का इंतजार निशा रातभर किया। सुबह हो गई फिर भी बेटी शीतल ने दरवाजा नहीं खोला। निशा को संदेह हुआ। आसपास के लोगों को बुलाया। कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। शीतल की लाश फांसी (Hanged) के फंदे पर लटकी हुई थी।