6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सेना से मिला सिलेंडर खाली कर रहा था कबाड़ी, हॉस्टलों में नहीं थे बचाव के कोई इंतजाम

कोटा की कबाड़ फैक्ट्री में अमोनिया के जिस सिलेंडर में लीकेज हुई उसे कबाड़ी सैन्य इलाके से लेकर आया था। 
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Vineet Kumar Singh

•

Updated: 26 Aug 2017, 4:58 PM IST

Ammonia Gas, Gas Leakage in Kota, Kota Junk Factory, Indraprastha Industrial Area Kota, Kota Industrial Area, Swastik Hostel Kota, Kota Coaching, Kota Hostel, Crime In kota, Rajasthan patrika, Kota patrika, Kota News, Patrika News

Ammonia gas leakage in Kota junk factory

कोटा के इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रीयल एरिया में शनिवार दोपहर को कबाड़ फैक्ट्री में अमोनिया गैस के रिसाव का मामला गंभीर होता जा रहा है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि कबाड़ी गैस सिलेंडर सैन्य इलाके से लेकर आया था और उसे फैक्ट्री में आकर खाली करने की कोशिश कर रहा था। वहीं दूसरी ओर कबाड़ फैक्ट्री में हॉस्टल चलाए जाने का मामला भी संवेदनशील होता जा रहा है। घटना के बाद सवाल उठने लगे हैं कि जिला प्रशासन और पुलिस ने खतरनाक औद्योगिक इकाइयों की जमीन पर हॉस्टल संचालित अनुमति कैसे दी?

Read More: कबाड़ फैक्ट्री में लीक हुई अमोनिया गैस, चपेट में आए दर्जन भर छात्रों की हालत गंभीर

कबा़ड़ी कोटा के आर्मी एरिया से लाया था सिलेंडर

सिलेंडर से लीक हुई गैस इतनी खतरनाक थी कि गैस लीक होते ही पूरी सड़क पीली पड़ गई। आसपास के इलाके के पेड़ पौधे तक झुलस गए। फैक्ट्री के बाहर दुकानें चला रहे कई दुकानदार गैस की चपेट में आकर मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। आकाश इंडस्ट्रीज के मालिक मनोज जैन ने पूरी घटना से पल्ला झाड़ते हुए बजरंग लाल नाम के कबाड़ी को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा दिया है। जैन के मुताबिक कबाड़ी ही सेन्य इलाके से इस सिलेंडर को लाया था। जिसे खाली करते समय यह हादसा हुआ। वहीं विज्ञान नगर थानाधिकारी जयप्रकाश बेनीवाल ने बताया कि इस मामले में उदित जैन व बजरंग लाल समेत तीन जनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

Read More: राजस्थान में रेलवे स्टेशन फूंका, दर्जन भर ट्रेन रद्द, डेरा आश्रम पर पुलिस जाप्ता तैनात

अवैध रूप से संचालित हो रहा था हॉस्टल

इंड्रस्ट्रीय एरिया में फैक्ट्री के साथ-साथ हॉस्टल संचालित करने के लिए अनुमति देने पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। फैक्ट्री मालिक मनोज कुमार जैन ही हॉस्टल चला रहा था, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस ने ऐसी जगह जहां जहरीली गैसों का इस्तेमाल किया जाता है, वहां हॉस्टल के संचालन की अनुमति कैसे दे दी? इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस औद्योगिक इलाके में और भी कई हॉस्टल संचालित हो रहे हैं। जो बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।