हादसे के बाद बस चालक ने बस को भला ले जाने की कोशिश की, लेकिन जब सफल होता नहीं दिखा तो घटना स्थल से 500 मीटर दूर बस खड़ी कर भाग गया। बच्चे की मौत के बाद बस का पीछा कर रहे लोगों ने बस रुकते ही उसमें तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद आग लगा दी। आग लगने के करीब 20 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आग बुझाने का कोई इंतजाम ना होने के कारण बस को जलता छोड़ दिया। जबकि बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया। वहीं मुकेश और सूरजबाई की हालत गंभीर होने पर उन्हें झालावाड़ रैफर कर दिया गया।