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Be Alert : भूल नहीं सकते वो खौफनाक मंजर, याद रखेंगे तो बचेंगे

-कोरोना की दूसरी लहर : कई घरों के बुझ गए थे चिराग, कईयों ने खो दिए पालनहार, ऑक्सीजन व बैड के अभाव में अस्पतालों के दर पर दम तोड़ रहे थे मरीज-अब तीसरी लहर का मंडरा रहा है खतरा, संक्रमण से बचाव ही पहली प्राथमिकता

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Be Alert : भूल नहीं सकते वो खौफनाक मंजर, याद रखेंगे तो बचेंगे

Be Alert : भूल नहीं सकते वो खौफनाक मंजर, याद रखेंगे तो बचेंगे

टिप्पणी- के. आर. मुण्डियार

कोटा समेत पूरे प्रदेश में इन दिनों जितने भी कार्यक्रम व आयोजन हो रहे हैं। उसने शामिल होने वाले अधिकतर लोग बिना मास्क नजर आ रहे हैं। कहीं पर भी दो गज की दूरी नहीं दिख रही। ऐसा लग रहा है कि हम सभी ने कोरोना की जंग जीत ली है। हम सूरमा बन चुके हैं, अब कोई महामारी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। फिर मास्क लगाने की क्या जरूरत है। यदि ऐसा सोचकर हम या कोई और लोग मास्क लगाने व दो गज की दूरी से बच रहे हैं तो यह हमारी व उनकी बहुत बड़ी गलतफहमी है।

देश-दुनिया को झकझोर चुके कोरोना का कहर अभी गया नहीं है। दो लहर का भयानक कहर हम झेल चुके हैं। कई लोगों ने इस कहर में अपनों को खो दिया। कई घरों के चिराग बुझ गए तो कइयों के तो पालनहार ही नहीं बचे। मुखिया विहिन परिवारों व अनाथ छोटे बच्चोंं पर क्या बीत रही होगी। कितने दुखों के पहाड़ झेल रहे होगे, उस दर्द को महसूस करेंगे तो शायद हम लापरवाही नहीं बरतेंगे। दूसरी लहर में जो खौफनाक कहर हमने देखा, सरकारी या निजी अस्पतालों के क्या हालात थे। कई मिन्नतों व सिफारिशों के बावजूद अस्पतालों में बैड तक नहीं मिल पा रहे थे। ऑक्सीजन को लेकर मारामारी बची थी। बैड व ऑक्सीजन के अभाव में कई लोगों ने अस्पतालों के दहलीज पर ही दम तोड़ दिया था। वो भयानक मंजर भूलना नहीं चाहिए। देश में जिस तरह लापरवाही बढ़ रही है, उससे अब तीसरी लहर आने की आशंका लगातार बढ़ रही है। तीसरी लहर की भयावहता दूसरी लहर से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है। दिल्ली एम्स के चिकित्सा विशेषज्ञ इस संबंध में अलर्ट जारी कर चुके हैं।


पहली व दूसरी लहर से बचाव के लिए केन्द्र व राज्य सरकारों ने लॉकडाउन लगाने सहित अन्य प्रयास किए। लेकिन जनता की आवाज पर ही सबकुछ अनलॉक कर दिया। इसके विपरीत राहत पाने की आड़ में हम लापरवाह होकर कोरोना बचाव की गाइडलाइन भूल बैठे हैं। प्रदेश के किसी भी शहर की कोई भी जगह देख लीजिए, हर जगह गाइडलाइन की धज्जियां उड़ रही है। सरकार ने जिन शर्तों व नियमों के साथ लॉकडाउन खोला था, उसकी पालना कहीं पर भी नहीं हो रही है।

यदि फिर से संक्रमण बढ़ेगा हम सरकार को ही कोसेंगे। आखिर सरकार व सिस्टम को ही हम कब तक कोसेंगे। सरकार बार-बार चेतावनी दे रही है, फिर भी हम मानने व समझने को तैयार ही नहीं है। लापरवाही इस कदर बढ़ रही है कि सरकारी कार्यालयों में अफसर व राजनीति से जुड़े लोग भी गाइडलाइन की पालना नहीं कर रहे। इन दिनों कोटा समेत प्रदेश भर में नगर निगमों में मनोनीत किए गए पार्षदों के सम्मान समारोह चल रहे हैं। अधिकतर कार्यक्रमों में लोग बिना मास्क नजर आ रहे हैं। यह तय मानिए कि ऐसा करके हम अपने शहर को फिर से महामारी की ओर धकेल रहे हैं। जो भी लोग गाइडलाइन तोड़ रहे हैं, वो अपने समाज व अपने परिवार के दुश्मन ही है। नियम तोड़ रहे ऐसे लोगों को टोकना-रोकना भी चाहिए।


पत्रिका की सभी से विनम्र अपील है कि अपने बच्चों, परिवार की सुरक्षा की खातिर मास्क लगाना नहीं छोड़ें। अपना नम्बर आने पर कोविड बचाव की वैक्सीन की दोनों डोज जरूर लगाएं। सेनेटाइजर व साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। अच्छे खान-पान के साथ जीवन को संयमित रखें। दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी की पालना को भूलें नहीं। बचाव के संकल्प याद रखेंगे तो हम बचे रह पाएंगे।