कोटा . शीतलहर ने सर्दी के तेवर तीखे कर दिए। तीन दिन से सूर्यदेव के दर्शन तक नहीं हुए। जहां सुबह 6 बजे से दिनचर्या शुरू हो जाती थी, अब 8 बजे तक लोग रजाइयों में दुबके रहते हैं। सर्दी से बचाव के लिए अलाव का सहारा लिया जा रहा है, वहीं स्वाद भी बदल गया है। सर्दी में ऊर्जा व राहत देने वाली खाद्य साम्रगी पंसद की जा रही है। घर की रसोई आलू पराठे, पकौड़ी से महक रही है तो बाजारों में गजक, पिंडखजूर की डिमांड बढ़ गई। विक्रेताओं की मानें तो तीन-चार दिनों में गजक, पिंडखजूर व मूंगफली की ग्राहकी में तेजी आई है। जहां तक भावों का सवाल है, खासा बदलाव नहीं आया। बाजार में अलग-अलग तरह की गजक अलग-अलग भावों में मिल रही हैं।