4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पद का दुरूपयोग कर सरकार को लाखों का चूना लगाने वाले प्राचार्य खिलाफ खड़े हुए कांग्रेसी

कोटा. सरकारी मानदेय पाने वाले गार्ड मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गिरीश वर्मा के आवासों पर लगाने के मामले में राशि वसूली की मांग को लेकर प्रदर्शन।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

abhishek jain

•

Updated: 13 Nov 2017, 8:07 PM IST

Congress Protest

कोटा .

सरकारी मानदेय पाने वाले गार्ड मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गिरीश वर्मा के आवासों पर लगाने के मामले में राशि वसूली की मांग को लेकर देहात कांग्रेस सेवादल कार्यकर्ताओं ने संभागीय आयुक्त दफ्तर पर प्रदर्शन किया।

Read More: Good News: आज मरीज नहीं लौटे खाली हाथ, बेपटरी चिकित्सा व्यवस्था फिर आई पटरी पर

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह स्पष्ट रूप से पद का दुरूपयोग कर सरकार को लाखों का चूना लगाने का मामला है।
मुख्य संगठक मनोज दुबे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अतिरिक्त सम्भागीय आयुक्त प्रियंका गोस्वामी का घेराव किया। अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रदर्शनकारियों ने एडीसी से मांग की कि जितना सरकार को नुकसान हुआ है, उतनी राशि प्राचार्य के वेतन से काटी जानी चाहिए। इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष रूकमणी मीणा, अमित सूद, गायत्री मेहरा, चंदा शर्मा, सुमित्रा वैष्णव, मोहम्मद रफीक मामा, हरभजन सिंह, राजेश वर्मा, नरेश मेघवाल, बृजमोहन महावर, कुंजबिहारी शर्मा, डॉ. महेश पारीक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

Read More: OMG! किस्त लेने के बाद भी नहीं बनवाएं शौचालय, अब होगी राशि वसूल

एसीबी को आज सौंपेंगे परिवाद
राष्ट्रीय प्रताप फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेंद्र सुमन, राष्ट्रीय जागरूक युवा संगठन की राष्ट्रीय महासचिव सीमा घोष, माली सैनी महासभा के जिला अध्यक्ष महावीर सुमन संयुक्त रूप से मंगलवार को मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों परिवाद सौपेंगे।

Read More: पीएम मोदी ने रखा गांवों को डिजिटल युग से जोड़ने का लक्ष्य, कोटा से 10 हजार लोग हुए साक्षर

यह था मामला

संविदा पर लगे जिन कर्मचारियों को ठेकेदार ने कागजों में अस्पताल में कार्य करना दर्शा रखा हैं। वे दरअसल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गिरीश वर्मा के यहां हाजिरी बजा रहे थे। जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर अपने सरकारी व निजी आवास पर छह गार्ड लगा रखे थे। संविदा पर लगे इन गार्ड व कर्मचारी का वेतन प्राचार्य आरएमआरएस से उठा रहे थे।

जबकि प्राचार्य को अपने घर पर गार्ड व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लगाने का अधिकार नहीं है, लेकिन इसके बावजूद एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उनके घर के कार्य कर रहे थे। उन्होंने आरकेपुरम में निर्माणाधीन आवास की सुरक्षा में भी अस्पताल के गार्ड लगा रखे थे। निजी आवास पर पिछले चार माह से तीन गार्ड चौकीदारी कर रहे थे।