
Do not know when the train will arrive
ट्रेनों की टाइमिंग को लेकर यात्री ही नहीं रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष तक नाराज हैं। आलम यह है कि उन्हें व्यवस्था सुधारने के लिए नाराजगी तक जाहिर करनी पड़ी। बावजूद इसक ना तो ट्रेन टाइम पर चलीं और ना ही उनकी लेट होने की सूचना समय से यात्रियों तक पहुंच रही है। इन हालातों में रेल यात्रियों का रेलवे से भरोसा ही उठने लगा है।
चेयरमैन ने लिखी थी चिट्ठी
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी ने कार्यभार संभालते ही रेलकर्मिकों के नाम पत्र लिखकर संदेश दिया था कि यात्री सेवाओं में कोताही किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सबसे ज्यादा जोर सेफ्टी और ट्रेन मूवमेंट की टाइमिंग सुधारने पर दिया था। इन दोनों मामलों में यात्रियों की नाराजगी और रेलवे के प्रति बढ़ते अविश्वास से लोहानी खुद भी वाकिफ थे इसलिए उन्होंने रेल कर्मचारियों को चिट्ठी लिखकर रेलवे का खोया हुआ भरोसा फिर से जगाने की बात कही। इसके बाद बहस छिड़ गई थी कि क्या वाकई में रेलवे के हालात इतने अराजक हो चुके हैं कि बोर्ड के चेयरमैन को इन्हें सुधारने के लिए चिट्ठी लिखनी पड़ रही है।
हकीकत आई सामने
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने 29 अगस्त को रेलकर्मियों के नाम चिट्ठी जारी की थी। चिट्ठी मिलने के बाद हालात बदले या नहीं और यात्रियों की नाराजगी का जायजा लेने के लिए पत्रिका संवाददाता ने कोटा जंक्शन पर मौजूद यात्रियों का मन टटोला तो वह गुस्से से फूट पड़े। ज्यादातर का जवाब यही था कि स्टेशन पर पहुंचने पर भी देरी से आ रही ट्रेन के संभावित समय का पता नहीं चला, एेसे में कैसे रेलवे यात्रियों में विश्वास की भावना पैदा होगी। कोटा जंक्शन पर पटना-कोटा एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे यात्री पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने इस ट्रेन में कई बार सफर किया, कभी भी समय पर नहीं आई। इतना ही नहीं इसके आने के संभावित समय का भी पता नहीं चल पता। न तो एकीकृत पूछताछ सेवा 139 पर इसकी सही जानकारी मिलती है और न ही स्टेशन के पूछताछ केन्द्र पर मिलती है। एेसे कैसे रेल यात्रियों का खोया विश्वास रेलवे हासिल कर पाएगा।
बढ़ता जा रहा है इंतजार
आगरा जा रही प्रीति सिंह ने कहा, रेलवे को यात्रियों का विश्वास हासिल करने के संरक्षा और समय पालन में सुधार करना होगा। उन्होंने देरी से आ रही ट्रेनों की सूची डिस्प्ले बोर्ड पर दिखाते हुए कहा, ज्यादातर ट्रेनें तो लेट ही आ रही हैं। मंडल रेलवे से गुजरने वाली लम्बी दूरी की ट्रेनों ने मंगलवार को यात्रियों को खासा इतजार कराया। पटना-कोटा एक्सप्रेस 3.30 घंटे देरी से पहुंची। इस कारण कोटा-पटना एक्सप्रेस भी विलम्ब हुई। जयपुर-दुर्ग एक्सप्रेस 1.15 घंटे, मुंबई-फिरोजपुर जनता एक्सप्रेस 1.12 घंटे, अजमेर-कोलकाता एक्सप्रेस 1.20 घंटे, सर्वोदय एक्सप्रेस 1.47 घंटे, भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस 1 घंटे, वाराणसी-ओखा एक्सप्रेस 1.17 घंटे और जोधपुर-इंदौर इंटरसिटी एक घंटे देरी से पहुंची।
Published on:
6 Sep 2017, 8:23 AM IST
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