
कोटा .
पिछले दिनों से जारी चिकित्सकों की हड़ताल का मरीजों को खामियाजा उठाना पड़ रहा है। ईएसआई अस्पताल में हड़ताल के चलते मरीजों का उपचार करने वाला कोई नहीं है। अस्पताल खाली होते जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया है। इससे पूरा अस्पताल खाली हो गया है। कई चिकित्सक इसके चलते भूमिगत हो गए। यहां मंगलवार को पुरुष वार्ड में 7 व सर्जिकल वार्ड में 1 महिला भर्ती थी। सभी को डिस्चार्ज कर दिया।
जिसे ढूंढ रही पुलिस वो भोले की शरण में...
सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश महासचिव दुर्गाशंकर सैनी भूमिगत हो थेगड़ा स्थित शिवपुरी धाम में शिवलिंगों का जलाभिषेक करते मिले। गौरतलब है कि इन दिनों सेवारत चिकित्सक हड़ताल पर हैं। हाईकोर्ट ने हड़ताल को अवैध घोषित कर सरकार को चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। रेस्मा लागू होने के बाद हड़ताल का नेतृत्व कर रहे चिकित्सक भूमिगत हो गए। सैनी भी ऐसे चिकित्सकों में शामिल हैं। पुलिस को भले ही वो नजर नहीं आएं, लेकिन सोशल मीडिया पर सैनी ने मंगलवार को जलाभिषेक करते हुए खुद का फोटो शेयर किया और लिखा है 'जिसे ढूंढ रही पुलिस वो भोले की शरण में'।
इसलिए उठाया कदम
100 बेड के इस अस्पताल में 17 सेवारत चिकित्सक कार्यरत हैं। इनमें से तीन डॉ. वर्षा सिंह, डॉ. निशा जैन व डॉ. बीपी शृंगी ही कार्यरत हैं। शेष 14 चिकित्सक हड़ताल पर हैं। इस कारण मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया।
राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ महासचिव डॉ. दुर्गाशंकर सैनी का कहना है कि सरकार चिकित्सकों पर दमनकारी नीति अपनाना छोड़े। सही माहौल पैदा करे। समझौते के अनुसार सरकार मांगें पूरी करे। चिकित्सक आने को तैयार हैं।
ईएसआई अस्पताल कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. कमल चौधरी का कहना है कि अधीक्षक चार दिन जयपुर वीडियो कॉन्फ्रेंस में गए हैं। चिकित्सक हड़ताल पर हैं। उनकी यूनिट के मरीज को देखने वाला कोई नहीं है। इस कारण डिस्चार्ज कर दिया।
निजी चिकित्सकों ने दो घंटे रखा कार्य बहिष्कार
निजी चिकित्सकों ने सुबह 9 से 11 बजे तक आउटडोर में मरीजों को नहीं देखा। चिकित्सकों ने 11 बजे बाद मरीजों को देखना शुरू किया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. जसवंत सिंह ने बताया कि सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल के समर्थन में दो दिन और दो घंटे तक कार्य बहिष्कार रखेंगे।
चिकित्सक हड़ताल में केन्द्र दे दखल
अखिल भारतवर्षीय युवा यादव महासभा के अध्यक्ष दिनेश यादव ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर बताया कि राजस्थान में डॉक्टरों की हड़ताल ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को तहस-नहस कर दिया। हजारों लोग इलाज के अभाव में मारे जा चुके हैं। आपसे अनुरोध है कि केन्द्रीय हस्तक्षेप से इस समस्या का हल करें।
व. चिकित्सक काली पट्टी बांध करेंगे कार्य
राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर एसोसिएशन की बैठक एमबीएस स्थित लेक्चर रूम में हुई। इसमें सभी वरिष्ठ चिकित्सकों ने सेवारत व रेजीडेंट चिकित्सकों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन पर चर्चा की। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आरपी रावत ने बताया कि सरकार ने मांगों पर विचार नहीं किया तो चिकित्सक बुधवार से काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे।
Published on:
27 Dec 2017 12:26 pm
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