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रेल अधि‍कारि‍यों ने जापान में ली ट्रेनि‍ंग, सीखा बुलेट और हाइस्पीड ट्रेन का संचालन

हाईस्पीड व बुलेट ट्रेन संचालन को लेकर तैयार की जा रही टीम, 40 अधिकारियों में कोटा के अधिकारी भी शामिल
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कोटा

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Deepak Sharma

•

Updated: 22 Dec 2017, 9:57 PM IST

Kota Railway Officers participate in Training to run Bullet Train

Kota Railway Officers participate in Training to run Bullet Train

कोटा . देश में प्रस्तावित हाईस्पीड और बुलेट ट्रेन के कुशल संचालन के लिए टीम तैयार की जा रही है। इसके लिए हाल ही 40 रेलवे अधिकारियों ने जापान से प्रशिक्षण लेकर आए हैं। इनमें कोटा में तैनात भारतीय रेल यातायात सेवा के अधिकारी डॉ. आर.एन. मीना भी शामिल थे। मीना राजस्थान के रहने वाले हैं। इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण में सेफ्टी पर जोर रहा।

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बॉण्ड भरवाए
जापान से प्रशिक्षण लेकर आए सभी अधिकारियों से रेलवे बंधक पत्र भरवाए हैं। इसमें उनकी नियुक्ति भविष्य में कभी भी बुलेट ट्रेन परियोजना में की जा सकती है। इसके लिए वे तैयार रहे। इनमें चार भारतीय रेल यातायात सेवा के अधिकारी है। इसके अलावा इंजीनियरिंग, यांत्रिक, लेखा और कार्मिक विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं।

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सेफ्टी को लेकर बहुत कुछ सीखा
जापान से लौटे कोटा मंडल के वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी डॉ. रामनिवास से पत्रिका बात की। उन्होंने बताया कि 15 दिवसीय ट्रेनिंग में सेफ्टी से जुड़ी नई तकनीकी की जानकारी मिली। बहुत सी चीजें बिल्कुल नई देखने और सीखने को मिली। जापान में रेलवे सात कंपनियों में बंटा हुआ है। वहां प्रतिदिन लगभग 50 लाख यात्री टे्रन में सफर करते हैं। तकनीक ऐसी है कि भूकंपन होने या तेज हवा चलते पर ट्रेन ठहर जाती है। वहां सेंसर तकनीक का उपयोग ज्यादा है।

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2022-23 तक बुलेट ट्रेन का प्रस्तावित है
साबरमती और मुम्बई के बीच 508 किमी के मध्य रेल पटरी जमीन के ऊपर स्तंभों पर आधारित होगी। इसमें 12 स्टेशन होंगे। अधिकतम गति 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि संचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। मुम्बई से साबरमती के बीच यात्रा अवधि 2.7 घंटे होगी। रास्ते में पडऩे वाले सभी स्टेशनों पर रूकने वाली ट्रेन के लिए यह अवधि 2.58 घंटे होगी। वर्ष 2022-23 में इस परियोजना को पूरा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। परियोजना की अनुमानित लागत 1,08000 करोड़ रुपए है। कुल परियोजना लागत की 81 प्रतिशत राशि जापान सरकार ने ऋण के रूप में उपलब्ध कराई है। 1 प्रतिशत ब्याज दर वाला यह ऋण 15 वर्षों की अनुग्रह अवधि के साथ 50 वर्षों में देय होगा।