कोटा विश्वविद्यालय में बुधवार को नामांकन दाखिल किया जाएगा। हालांकि कैम्पस के पुराने खिलाड़ियों का मानना है कि इस बार कम से कम तीन पदों पर निर्विरोध निर्वाचन होगा। कोटा विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण गालव बताते हैं कि अक्सरकर एबीवीपी में पुराने कार्यकर्ताओं को टिकट ना मिलने से फूट पड़ती थी और दो धड़े एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते थे, लेकिन इस बार दो की बजाय चार पद होने से यह नौबत नहीं आई। वहीं परिषद ने पुराने छात्र नेताओं को पहले ही एक करने की कोशिश शुरू कर दी थी, जिससे सभी की नाराजगी भी खत्म हो गई। वहीं एनएसयूआई के कमजोर होने का फायदा भी मिलेगा।