लुक आउट सर्कुलर एक इंटरनल नोटिस की तरह होता है। जिसमें जांच एजेंसी को किसी शख्स के बारे में जैसी जानकारी चाहिए होती है,उस हिसाब से जारी किया जाता है। इसमें उसे रोकने से लेकर गिरफ्तारी तक शामिल है। लुकआउट नोटिस सीधे एय़रपोर्ट इमीग्रेशन विभाग को भेजा जाता है औऱ उसमें जिस शख्स को रोका जाना होता है उसके बारे में जानकारी देते हुए निर्देश दिए जाते हैं। इनमें इस तरह के निर्देश शामिल होते हैं कि आरोपी को एयरपोर्ट के भीतर घुसने से रोक दिया जाए, विमान में ना चढ़ने दें, आरोपी के नजर आने पर सूचना दें या हिरासत में लें ताकि भाग ना पाए।सरकार लगातार लोन डिफॉल्टर के खिलाफ सख्त से सख्त नियम बना रही है। हाल ही में सरकार ने बैंकों को भी विलफुल डिफॉल्ट के मामलों में एलओसी जारी करने की अपील करने का अधिकार दिया था। अब बैंक बिना एफआईआर दर्ज हुए ही एलओसी जारी कर सकती है।